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चंडीगढ़ बिल्डिंग हादसा, बेटी के सवाल पर डॉक्टर-पुलिस भी रोई:पापा ने कहा था कि चंडीगढ़ में पढ़ाऊंगा, फिर वापस घर क्यों जा रहे हैं




चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में इमारत गिरने से दोनों साझेदार, तरुण जैन और तरुण कौशिक, मलबे में दबकर मौत का शिकार हो गए। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। इस दौरान आठ साल की एक बच्ची अपने पिता के शव के साथ एंबुलेंस में बैठने की जिद करने लगी, जिसे देखकर वहां मौजूद पुलिस और मेडिकल स्टाफ भावुक हो गए। बेटी आंसुओं से भरी आंखों और सिसकियों के साथ लगातार यही कहती रही, “मुझे पापा के साथ बैठना है, मैं उनके साथ ही गाड़ी में बैठूंगी।” वहां मौजूद लोग उसे संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन यह दृश्य देखकर कई लोग खुद भी भावुक हो उठे। सोलन निवासी तरुण कौशिक की 8 वर्षीय बेटी अपनी मां से सवाल पूछती रही। उसने पूछा कि जब हम घर से आए थे, तो पापा ने कहा था कि हम चंडीगढ़ जा रहे हैं। बेटी, तुझे वहीं पढ़ाएंगे। अब आप कह रहे हो कि हमें वापस घर जाना है। मम्मी, ऐसा क्या हुआ कि मैं चंडीगढ़ में नहीं पढ़ सकती? बच्ची को अब तक यह नहीं पता चल पाया है कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। । पापा के साथ गाड़ी में बैठना लगता है अच्छा पोस्टमार्टम के बाद मृतक तरुण कौशिक का शव पुलिस ने परिवार को सौंप दिया। जब शव को एंबुलेंस में रखा गया और परिवार के सदस्य उसमें बैठने लगे तो उनकी बेटी ने कहा कि मुझे पापा के साथ ही एंबुलेंस में बैठना है। मैं हमेशा पापा के साथ ही गाड़ी में बैठी हूं। हालांकि परिवार के लोगों ने उसे समझाया कि एंबुलेंस में उसे असहज महसूस होगा और दूसरी गाड़ी में चलने को कहा। इस पर बच्ची ने कहा कि मैं अब तक हमेशा पापा के साथ ही गाड़ी में सफर करती आई हूं। मैं घर भी पापा के साथ ही जाऊंगी। ह्यूमन राइट्स कमीशन जारी करेगा नोटिस हादसे वाली जगह पर पंजाब एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन की कोर कमेटी ने जाकर जांच की है। जांच के दौरान हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की गई। कोर कमेटी अपनी रिपोर्ट कमीशन को सौंपेगी। इसके बाद कमीशन सुओ मोटू (Suo Motu) संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन से हादसे पर जवाब तलब करेगा। साथ ही प्रशासन से अब तक की गई जांच की रिपोर्ट भी मांगी जाएगी। पुलिस को नहीं मिली शिकायत पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हादसे से संबंधित किसी भी व्यक्ति ने अभी तक चंडीगढ़ पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। इसी कारण चंडीगढ़ पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस ने बिना शिकायत डीडीआर (DDR) दर्ज कर दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया है।



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