चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव और संगठनात्मक चुनावों से पहले कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (सीटीसीसी) के लिए पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और प्रदेश चुनाव समिति का गठन कर दिया है। दोनों समितियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। शुक्रवार को एआईसीसी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से इसके आदेश जारी किए गए। नई समितियों के गठन में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को दोबारा अहम जिम्मेदारी मिलने की है। उन्हें सांसद मनीष तिवारी के साथ पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में शामिल किया गया है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस संगठन में उनकी सक्रिय वापसी के तौर पर देख रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद संगठन से बना ली थी दूरी पवन कुमार बंसल पिछले लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की गतिविधियों से काफी हद तक दूर हो गए थे। लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से वह नाराज बताए जा रहे थे। इसके बाद उन्होंने चुनाव प्रचार में भी सक्रिय भूमिका नहीं निभाई थी। उनके समर्थक कई नेताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई भी हुई थी। ऐसे में अब कांग्रेस हाईकमान की ओर से उन्हें शीर्ष समिति में जगह देना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी चुनाव से पहले सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में ये नेता शामिल कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में सांसद मनीष तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल, एच.एस. लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, रविंदर सिंह पाली, जेडपी खान और मनोज लुबाना को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा एआईसीसी के चंडीगढ़ प्रभारी और उनके साथ संबद्ध सचिव इस समिति के पदेन सदस्य होंगे। 16 सदस्यीय प्रदेश चुनाव समिति भी बनी कांग्रेस ने 16 सदस्यीय प्रदेश चुनाव समिति का भी गठन किया है। इसमें सांसद मनीष तिवारी, एच.एस. लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, सुरिंदर सिंह, राज कुमार गोयल, रविंदर सिंह पाली, जेडपी खान, डीपीएस रंधावा, पवन शर्मा, जितेंद्र भाटिया, हरमैल बैंस (केसरी), राजिंदर कुमार नीती, स्टेला मैरी जॉर्ज, डीडी जिंदल और कुलदीप सिंह कालिंबवाला को शामिल किया गया है। इसके अलावा एआईसीसी के चंडीगढ़ प्रभारी, उनके साथ संबद्ध सचिव तथा राज्य के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रमुख पदेन या विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में समिति का हिस्सा होंगे। तीन-चार महीने बाद हैं नगर निगम चुनाव कांग्रेस के लिए इन समितियों का गठन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि करीब तीन से चार महीने बाद चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव होने हैं। इसके साथ ही पार्टी के संगठनात्मक चुनाव भी चल रहे हैं। अगस्त के अंत तक जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। ऐसे में नई समितियों की जिम्मेदारी चुनावी रणनीति तैयार करने, टिकट वितरण से जुड़े सुझाव देने, संगठन को मजबूत करने और चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करने की होगी। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी नेताओं और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाकर चुनावी तैयारियों को गति दी जा सकेगी।
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