spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

कांग्रेस प्रभारी के पहले दौरे में नेताओं के बयानी तीर चले, खुलकर दिखी गुटबाजी



कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी संजय दत्त का 5 दिवसीय पूरा हो गया है। इस दौरान पार्टी नेताओं के खुलकर बयानी तीर चले। नेताओं के बयानों में साफ गुटबाजी झलकी। इशारों में यह तक कह दिया कि किसे, किसका साथ नहीं मिल रहा है। नेता ही नहीं, कार्यकर्ता भी नीचे तक बंटे हुए हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस में गुटबाजी काफी हावी है। प्रभारी ने कहा कि वे किसी का पक्ष लेने नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करने आए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस में उनसे ज्यादा दमखम रखने वाले पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा व रणदीप सिंह सुरजेवाला को कैसे जोड़ते हैं। सूत्रों के अनुसार, हुड्डा ने कहा है कि सुरजेवाला साथ आ जाएं तो फिर देखना धमकारा। सुरजेवाला ने कहा कि मैं तो 20 साल से साथ हूं। अब आप मेरा साथ दो। इसी प्रकार सैलजा ने नीचे कार्यकर्ता तक बंटे होने और एक-दूसरे नेताओं को नमस्ते तक न करने की बात कही। 19 से 23 तक करेंगे दौरा, जीटी बेल्ट पर फोकस अब प्रभारी जिला-स्तरीय दौरे करेंगे। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह उनके साथ रहेंगे। वे पहले भाजपा के गढ़ जीटी बेल्ट पर फोकस करेंगे। 19 जुलाई को पंचकूला, यमुनानगर, 20 को यमुनानगर, अम्बाला, 21 को अम्बाला, कुरुक्षेत्र, 22 को कुरुक्षेत्र, करनाल, 23 को करनाल में जाएंगे। जिलों में ही रात्रि ठहराव होगा, ताकि विधानसभा स्तर के नेताओं से मुलाकात कर फीडबैक ले सकें। आखिरी दिन हारे हुए प्रत्याशियों से लिया फीडबैक यह होगी कि कांग्रेस में उनसे ज्यादा दमखम रखने वाले पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा व रणदीप सिंह सुरजेवाला को कैसे जोड़ते हैं। सूत्रों के अनुसार, हुड्डा ने कहा है कि सुरजेवाला साथ आ जाएं तो फिर देखना धमकारा। सुरजेवाला ने कहा कि मैं तो 20 साल से साथ हूं। अब आप मेरा साथ दो। इसी प्रकार सैलजा ने नीचे कार्यकर्ता तक बंटे होने और एक-दूसरे नेताओं को नमस्ते तक न करने की बात कही। प्रभारी संजय दत्त ने आखिरी दिन लोकसभा-विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों से बात की। उनसे चुनावी अनुभव, संगठन की स्थिति व भविष्य की रणनीति को लेकर फीडबैक लिया। बैठक में संगठन को और अधिक प्रभावी एवं जन सरोकारों से जुड़ा बनाने पर व्यापक चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो कई प्रत्याशियों ने यह भी बताया कि गुटबाजी हावी रही। जिसकी वजह से उन्हें हार नसीब हुई।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles