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करनाल के निसिंग थाना क्षेत्र के गांव कुचपुरा में 5 जुलाई की रात को हुई युवक जसविंद्र की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरूवार को रायसन गांव के रहने वाले मृतक के परिजन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जिला सचिवालय में एसपी से मिलने के लिए पहुंचे। इस दौरान लोगों ने निसिंग पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले में केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति की है, जबकि मुख्य आरोपी, उसकी मां, बहन और अन्य लोग अभी भी खुले घूम रहे हैं। मृतक की बहन मंजू ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई अधूरी है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। परिजनों का आरोप- पुलिस कर रही है खानापूर्ति मृतक की बहन मंजू ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल देवर सागर और ससुर ऋषिपाल को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति मनीष, सास और ननद अभी तक गिरफ्त से बाहर हैं। मंजू ने कहा कि जिन लोगों ने उसके भाई जसविंद्र को मौत के घाट उतारा, उन्हें भी सख्त सजा मिलनी चाहिए। परिजनों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर मामले को कमजोर कर रही है। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द सभी आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो वे आगे कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। 5 जुलाई की रात को हुआ था हमला, चाकुओं से गोदकर हत्या घटना 5 जुलाई की रात की है। रायसन गांव निवासी 28 वर्षीय जसविंद्र की कुचपुरा गांव में हत्या कर दी गई थी। जसविंद्र की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। परिजनों के अनुसार, जसविंद्र अपनी बहन मंजू को बचाने के लिए अपने भाइयों श्रवण और अमृत लाल के साथ कुचपुरा जा रहा था। जैसे ही वे गांव के अड्डे पर पहुंचे, रास्ते में ससुराल पक्ष के लोगों ने उनकी गाड़ी को रुकवा लिया। इसके बाद जसविंद्र पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 20 लाख रुपए की मांग, बहन ने फोन कर बुलाया था मृतक के छोटे भाई अमृत ने बताया कि घटना से पहले शाम को उसकी बहन मंजू का फोन आया था। उसने कहा कि उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया है और उसे वहां से ले जाया जाए। अमृत के मुताबिक, जब उन्होंने जीजा मनीष को फोन किया तो उसने 20 लाख रुपए की मांग की और कहा कि पैसे दो, नहीं तो अपनी बहन को ले जाओ। इसके बाद तीनों भाई कुचपुरा पहुंचे। वहां मनीष ने गाड़ी रुकवा दी और उसी दौरान मनीष और उसके छोटे भाई सागर ने जसविंद्र पर चाकुओं से कई वार किए। घटना के समय मनीष के पिता ऋषिपाल, मां और बहन भी मौके पर मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि सभी ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। दहेज प्रताड़ना के भी आरोप, पहले से चल रहा था विवाद मौसेरे भाई कपिल ने आरोप लगाया कि मंजू को शादी के बाद से ही दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। उसके साथ लगातार मारपीट होती थी। परिवार का कहना है कि इसी विवाद के चलते यह घटना हुई। दो आरोपी गिरफ्तार, सड़क पर घुमाया गया घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 6 जुलाई को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 7 जुलाई को पुलिस ने सागर और उसके पिता ऋषिपाल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया गया। रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों को सड़कों पर घुमाया। इस दौरान सागर का सिर भी मुंडवाया गया। इसके बावजूद परिजन संतुष्ट नहीं हैं और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।
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करनाल मिनी सचिवालय के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी:कुचपुरा हत्याकांड, मृतक युवक के परिजन बोले- खानापूर्ति की जा रही, मुख्य आरोपी अरेस्ट नहीं







