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कनाडा भेजने के नाम पर 8.5 लाख की ठगी:ट्रैवल एजेंट दंपति समेत तीन पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, पीआर का दिया झांसा




मोगा पुलिस ने फरीदकोट स्थित स्पेल बाइंड इमिग्रेशन के संचालकों पर कनाडा भेजने के नाम पर साढ़े आठ लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने मोगा जिले के गांव वरहे निवासी एक महिला को नैनी कोर्स के आधार पर स्थायी रूप से कनाडा भेजने का झांसा दिया था। पुलिस ने इस मामले में ट्रैवल एजेंट दंपति और उनके कनाडा निवासी बेटे सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया है। थाना सिटी मोगा पुलिस ने जिला पुलिस प्रमुख को मिली शिकायत की गहन जांच के बाद मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों की पहचान इमिग्रेशन संचालक कुमार अभिषेक रांझा, उनकी पत्नी विमल रांझा (दोनों निवासी न्यू कैंट रोड, फरीदकोट) और कनाडा में रह रहे उनके बेटे युवराज करनवीर रांझा के रूप में हुई है। यह शिकायत ज्ञान कॉम्प्लेक्स, लंडेके निवासी तरनदीप सिंह ने पुलिस को दी थी। नैनी कोर्स के आधार पर पीआर का दिया था झांसा शिकायतकर्ता तरनदीप सिंह ने बताया कि उनके मामा कुलवंत सिंह (निवासी गांव वरहे) खेतीबाड़ी का काम करते हैं। विमल रांझा और उनके पति अभिषेक रांझा उनके पुराने परिचित थे, जो इमिग्रेशन का दफ्तर चलाते हैं। तरनदीप ने अपने मामा की बहू रमनदीप कौर को स्थायी रूप से (PR) कनाडा भेजने के सिलसिले में उनसे बातचीत की थी। आरोपियों ने भरोसा दिया कि वे रमनदीप को नैनी कोर्स के आधार पर कनाडा का पक्का वीजा लगवा देंगे और नैनी का सर्टिफिकेट भी खुद ही तैयार करवाएंगे। इसके लिए उन्होंने कुल 15 लाख रुपये का खर्च बताया। अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए पैसे, फिर शुरू की टालमटोल आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता और उनके मामा ने रमनदीप के सभी जरूरी दस्तावेज उन्हें सौंप दिए और उनके बताए अनुसार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब भी वीजा की प्रगति के बारे में पूछा जाता, तो आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देते थे। आरोपियों ने न तो कोई नैनी प्रमाणपत्र बनवाया और न ही वीजा की प्रक्रिया शुरू की, जिससे साफ हो गया कि उन्होंने साजिश रचकर धोखाधड़ी की है। पैसे वापस करने के लिए दिया चेक भी हुआ बाउंस मामला जिला पुलिस प्रमुख के पास पहुंचा तो उनके निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान खुद को फंसता देख विमल रांझा और अभिषेक रांझा ने शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये नकद और 6 लाख रुपये का एक चेक दिया। हालांकि, आरोपियों की नीयत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जब शिकायतकर्ता ने उस चेक को बैंक में लगाया, तो वह भी बाउंस हो गया। पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



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