डीडवाना-कुचामन जिले में वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है। केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए UMEED (Unified Monitoring, Evaluation & Empowerment Digital) पोर्टल पर डेटा अपलोड जोर-शोर स

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यह पोर्टल 6 जून 2025 को देशभर की वक्फ संपत्तियों का सटीक, पारदर्शी और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। डेटा अपलोड की समय-सीमा पहले 5 दिसंबर 2025 तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 9 अप्रैल 2026 कर दिया गया।

जिले में यह कार्य जिला वक्फ कमेटी और जिला अल्पसंख्यक विभाग की निगरानी में हो रहा है। सामाजिक संस्थाएं, शिक्षा अनुदेशक और जागरूक नागरिक अपने-अपने क्षेत्रों की गजट व सर्वे में दर्ज वक्फ संपत्तियों का डेटा पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं।

80% वक्फ संपत्तियों का डेटा हुआ अपलोड जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपाल जीनगर ने डिजिटल स्किल्स संस्थान पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, पारदर्शिता बढ़ाना, अवैध कब्जों पर रोक लगाना और डिजिटल प्रबंधन को मजबूत करना है। जीनगर ने बताया कि अब तक जिले की लगभग 80 प्रतिशत वक्फ संपत्तियों का डेटा अपलोड किया जा चुका है और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

24 घंटे संचालित हेल्प डेस्क स्थापित डेटा अपलोड में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए डीडवाना के मोहल्ला काजियान में 24 घंटे संचालित हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। यहां जमाबंदी, नक्शा, खसरा सहित अन्य आवश्यक राजस्व रिकॉर्ड निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

हेल्प डेस्क प्रभारी मनवर उस्मानी ने बताया कि पोर्टल पर संपत्तियों का विस्तृत विवरण अपलोड किया जा रहा है। इसमें खसरा संख्या, रकबा, स्थान, स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड, संपत्ति का प्रकार (जैसे मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान, दरगाह), आय-व्यय विवरण और वर्तमान उपयोग की स्थिति शामिल है।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपाल जीनगर ने जिले की सभी वक्फ कमेटियों, मुतव्वलियों और समाज के लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा से पहले सभी वक्फ संपत्तियों का डेटा पोर्टल पर अपलोड कराएं। इससे इन संपत्तियों का सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।



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