बरेली शहर के कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटा चौराहे तक आज एक बार फिर बुलडोजर का शोर सुनाई देगा। नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ सुबह 10 बजे से बाकी बचे अतिक्रमण को हटाने के लिए मैदान में उतरेगी। इस अभियान की जद में करीब 40 और दुकान-मकान आ रहे हैं, जिन्ह

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कल जब चला बुलडोजर: महिलाएं फूट-फूटकर रोईं, भाजपा नेत्री की 8 दुकानों पर भी चली मशीन मंगलवार सुबह जब 3 बुलडोजर और प्रेम नगर थाने की पुलिस कोहाड़ापीर पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया था। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से रास्ता ब्लॉक कर दिया और ड्रोन से निगरानी शुरू की। अपना आशियाना और रोजी-रोटी उजड़ते देख महिलाओं का सब्र टूट गया। स्थानीय निवासी रानी खान ने कहा, “सरकार गरीबों की रोटी छीन रही है। वर्षों से हम यहाँ रह रहे हैं, अब बच्चों को कैसे पालेंगे? वोट के समय हम गरीब दिखते हैं और अब हमें उजाड़ा जा रहा है।” सत्ताधारी दल की नेता और बरेली कॉलेज की रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. पूर्णिमा अनिल की भी 8 दुकानों पर बुलडोजर चला। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके पास नगर पालिका के समय के नक्शे पास हैं, लेकिन नगर निगम 1920 का नक्शा दिखाकर जबरन तोड़फोड़ कर रहा है। उन्होंने कहा हम सरकार में है लेकिन हम कुछ नहीं कर पा रहे। लोगो की रोजी रोटी छीनी जा रही है। लोगो पर अत्याचार हो रहा है।

जाम से मिलेगी मुक्ति, अतिक्रमण हटाना जरूरी- नगर आयुक्त नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया कि कोहाड़ापीर चौराहे पर दिनभर जाम लगा रहता है। लोगों ने बहुत ज्यादा अतिक्रमण कर रखा है, कई लोगों ने तो सड़क पर पूरी-पूरी दुकानें बना रखी हैं। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ अतिक्रमण हटा रहे हैं। जब रोड चौड़ा हो जाएगा, तो लाखों लोगों को जाम से सहूलियत मिलेगी।” बता दें कि नगर निगम ने फरवरी में ही नोटिस जारी कर कागजात मांगे थे और खुद अतिक्रमण हटाने को कहा था। सर्वे के मुताबिक करीब 80 दुकानें, शोरूम, मंदिर-मस्जिद के चबूतरे, बिजली घर और इंटर कॉलेज भी इस 80 फीट के दायरे में आ रहा है। जिन लोगों ने खुद अपना अतिक्रमण नहीं हटाया है, निगम उनसे तोड़फोड़ का खर्च भी वसूलेगा।

क्या है सीएम ग्रिड योजना? जिसे स्मार्ट सिटी की ‘लाइफलाइन’ कहा जा रहा है मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (CM-GRID) योजना उत्तर प्रदेश सरकार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके तहत शहरों की सड़कों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का बनाया जाता है। इसे ‘मॉडल रोड’ कहते हैं। इसमें सिर्फ सड़क नहीं बनती, बल्कि:

  • यूटिलिटी डक्ट: बिजली के तार और पाइपलाइन जमीन के नीचे होंगे, ताकि बार-बार सड़क न खोदनी पड़े।
  • स्मार्ट सुविधाएं: सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, आधुनिक LED लाइट्स और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम (नालियां) बनाए जाएंगे।
  • ग्रीन बेल्ट: सड़क के किनारे पेड़-पौधे लगाए जाएंगे ताकि प्रदूषण कम हो।

2.4 किमी का सफर, 47 करोड़ का बजट: जानिए कैसी होगी नई सड़क कोहाड़ापीर से धर्मकांटा चौराहे तक बनने वाली यह सड़क बरेली की सबसे आधुनिक सड़कों में से एक होगी। इस रोड को 24 मीटर (करीब 80 फीट) चौड़ा किया जाना है। सेंटर लाइन से दोनों तरफ 12-12 मीटर की पैमाइश की गई है। अभी यह सड़क कहीं 12 मीटर तो कहीं 18 मीटर ही है। अतिक्रमण की वजह से यह बेहद संकरी हो गई थी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 47 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।



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