हरिद्वार में गंगा नदी में अस्थियां प्रवाहित करते हुए। इनसेट में शिवचरण राम रतन गुप्ता की फाइल फोटो।
मुंबई के बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण राम रतन गुप्ता (74) की अस्थियां प्रवाहित करने के लिए भी उनकी तीनों बेटियां नहीं पहुंचीं। अहमदाबाद से शिवचरण के भाई और भतीजा बुधवार को हरिद्वार पहुंचे। दोनों ने सोनीपत के वृद्धाश्रम संचालक के साथ मिलकर शिवचरण की
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बेटियों के नहीं आने पर शिवचरण के भाई महेंद्र ने कहा कि उनकी भतीजी प्रिया को डर था कि कहीं सोनीपत में उनके साथ कोई अनहोनी न हो जाए, इसलिए वह नहीं आई।
4 अगस्त को शिवचरण की सोनीपत के वृद्धाश्रम में मौत हुई थी। आश्रम प्रबंधन ने उनकी बेटियों को इसकी सूचना दी थी। प्रिया ने पिता के अंतिम संस्कार के लिए ₹5,100 ऑनलाइन भेजकर कहा था कि वे वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया देखेंगी।

बेटियों की अनुपस्थिति के बीच सोनीपत की एक सामाजिक संस्था ने अस्थियां प्रवाहित कीं। इस दौरान शिवचरण के भाई महेंद्र और भतीजा मौजूद रहा।

4 अगस्त को सोनीपत में शिवचरण का अंतिम संस्कार किया गया था। उनकी बेटी ने वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देखा था।
अब जानिए शिवचरण को लेकर भाई ने क्या बताया….
10 साल पहले परिवार को लगा शिवचरण की मौत हो गई
महेंद्र ने बताया कि वे सात भाई और तीन बहनें हैं। करीब 10 साल पहले उनकी शिवचरण से बातचीत हुई थी। उस समय शिवचरण नेपाल में रह रहे थे। इसी दौरान नेपाल में भूकंप आया और परिवार तक शिवचरण की मौत की खबर पहुंची। इसके बाद परिवार ने उनसे संपर्क की उम्मीद छोड़ दी और उन्हें मृत मान लिया।
कपड़ों का कारोबार अच्छा चलता था, फिर वृद्धाश्रम कैसे पहुंचे पता नहीं
महेंद्र के मुताबिक, शिवचरण का कपड़ों का कारोबार नेपाल, मुंबई और अन्य जगहों पर अच्छा चलता था। परिवार को यह पता नहीं है कि कारोबार में ऐसा क्या हुआ कि उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और वे वृद्धाश्रम तक पहुंच गए। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि कारोबार में नुकसान के बाद शिवचरण वृद्धाश्रम पहुंचे थे। नुकसान कितना हुआ, किस कारोबार में हुआ और हालात कैसे बिगड़े, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
सोशल मीडिया की खबर से 10 साल बाद पता चला
महेंद्र के मुताबिक, इतने साल बाद सोशल मीडिया पर शिवचरण की मौत से जुड़ी खबर और वीडियो सामने आया। मथुरा में रहने वाली उनकी सबसे छोटी बहन ने भी वीडियो देखा और महेंद्र को इसकी जानकारी दी। इसके बाद महेंद्र ने सोनीपत में वृद्धाश्रम चलाने वाले आनंद से संपर्क किया। बातचीत में पता चला कि जिस भाई को परिवार 10 साल पहले मृत मान चुका था, वह सोनीपत के वृद्धाश्रम में रह रहा था और वहीं उसकी मौत हुई।

शिवचरण रामरत्न गुप्ता तीन साल से सोनीपत के वृद्ध आश्रम में रह रहे थे।-फाइल फोटो
बेटी की शादी में पूरा परिवार मिला था
महेंद्र ने बताया कि शिवचरण की बड़ी बेटी निशा की शादी मुंबई में हुई थी। उस समय वे भी अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने मुंबई गए थे। तब परिवार के बीच संपर्क था, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे रिश्तों में दूरी बढ़ती गई। महेंद्र के मुताबिक, उनका शिवचरण की बेटियों से भी संपर्क रहा है। हाल ही में उन्होंने भतीजी प्रिया से बात की थी और भाई की मौत के बाद होने वाले क्रिया-कर्म को लेकर चर्चा हुई थी।
प्रिया ने कहा- परिवार तेरहवीं करेगा
महेंद्र के मुताबिक, प्रिया ने बातचीत में कहा था कि परिवार की ओर से तेरहवीं की जाएगी। परिवार में यह भी तय होने की बात सामने आई कि जो नाती हवन में बैठेगा, उसी के हाथ से क्रिया-कर्म की प्रक्रिया पूरी होगी। हालांकि, शिवचरण की अस्थियां हरिद्वार ले जाने की जिम्मेदारी महेंद्र ने संभाली। वे अपने बेटे के साथ सोनीपत पहुंचे और वहां से आनंद के कहने पर हरिद्वार गए।
बेटियों ने सोनीपत आने को लेकर डर जताया
महेंद्र ने बताया कि भतीजी प्रिया से बातचीत में उसने सोनीपत आने को लेकर डर जताया था। वह पिता के निधन के बाद आना चाहती थी, लेकिन उसका कहना था कि अगर वह सोनीपत जाएगी तो उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। इसी वजह से बेटियां अस्थि विसर्जन के लिए सोनीपत नहीं पहुंच सकीं। संभव है शिवचरण की बेटियां क्रिया-कर्म के बाद भी सोनीपत न आएं।

वृद्धाश्रम की तरफ से 4 अगस्त को शिवचरण का अंतिम संस्कार किया गया था।
तीन साल पहले पत्नी के साथ सोनीपत आए
शिवचरण रामरत्न गुप्ता की तीन बेटियां नीता, निशा और प्रिया हैं। शिवचरण और उनकी पत्नी ने बेटियों को बेटों की तरह पाला और उनकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी तक की जिम्मेदारी उठाई। बड़ी बेटी नीता नेपाल में रहती हैं। मंझली बेटी निशा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रहती हैं। छोटी बेटी प्रिया मुंबई में रहती हैं।
करीब तीन साल पहले शिवचरण पत्नी के साथ सेक्टर-7 के वृद्धाश्रम में रहने आए थे। करीब एक साल बाद पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद शिवचरण अकेले रह गए। करीब दो साल पहले वे वेस्ट रामनगर स्थित ‘समाज कल्याण शिक्षा समिति’ के आश्रम में चले गए। यहां वे 24 अन्य बुजुर्गों के साथ रह रहे थे।
बेटियों ने कहा- फोन पर अंतिम संस्कार दिखा दीजिए
शिवचरण की मौत के बाद आश्रम संचालक आनंद कुमार ने सबसे छोटी बेटी प्रिया को फोन किया। उनके मुताबिक, तीनों बेटियों में से किसी ने भी सोनीपत आने की बात नहीं कही। बड़ी बेटी नीता नेपाल में रहती हैं। उन्होंने कहा कि वह बहुत दूर हैं और आना संभव नहीं है। आजमगढ़ में रहने वाली मंझली बेटी निशा ने कहा कि वह नहीं पहुंच सकतीं। मुंबई में रहने वाली छोटी बेटी प्रिया ने कहा कि वे इतनी जल्दी नहीं आ सकतीं, इसलिए फोन पर ही अंतिम संस्कार दिखा दिया जाए।
रक्षक सेना ने दिया सुरक्षा का आश्वासन
रक्षक सेना भारत के प्रमुख मनजीत तिहाड़ा ने सामाजिक संस्थाओं की ओर से आश्वासन दिया कि अगर शिवचरण की बेटियां सोनीपत के वृद्धाश्रम में होने वाली श्रद्धांजलि सभा में पहुंचती हैं, तो उनकी पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी रक्षक सेना, प्रशासन और उनके कार्यकर्ताओं की होगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को किसी तरह डरने की जरूरत नहीं है। “रिश्ते खून के होते हैं। समय रहते उन्हें निभा लेना चाहिए।”
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मुंबई में बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में मौत हो गई। वे पिछले तीन साल से आश्रम में रह रहे थे। दो साल पहले उनकी पत्नी का भी इसी आश्रम में निधन हुआ था। 4 अगस्त को आश्रम प्रबंधन ने उनकी मौत की सूचना उनकी तीनों टीचर बेटियों को दी। पढ़ें पूरी खबर…







