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फरीदाबाद जिला जेल में बंद कैदियों के सुधार और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार और जेल प्रशासन की ओर से लगातार काम किया जा रहा है। कैदियों को जेल में रहते हुए पढ़ाई करने के साथ-साथ अलग-अलग तरह के काम सीखने का मौका दिया जा रहा है, ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें और रोजगार या अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसी उद्देश्य से जिला जेल में कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, कारपेंटर और वेल्डर जैसे व्यावसायिक कोर्स कराए जा रहे हैं। जिला जेल के सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार गोयल ने बताया कि सरकार की ओर से जेलों में बंद कैदियों के हुनर को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कई तरह के कोर्स चलाए जा रहे हैं। इन कोर्स में कैदियों को अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण लेने का अवसर दिया जाता है। फरीदाबाद जिला जेल में भी काफी संख्या में कैदियों ने इन कोर्स में रुचि दिखाई और अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद जेल प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। एक अगस्त को हुई थी परीक्षा इन प्रशिक्षण कोर्स की परीक्षा 1 अगस्त को आयोजित की गई। जिसका परिणाम आज मंगलवार को आया, परीक्षा में कुल 32 कैदी स्टूडेंट शामिल हुए, जिनमें से 31 कैदी पास हुए। वहीं एक कैदी परीक्षा में सफल नहीं हो सका। कारपेंटर के कोर्स में 10 कैदी पास हुए। कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट के कोर्स में शामिल सभी 10 कैदी परीक्षा में सफल रहे। इसके अलावा वेल्डर के कोर्स में परीक्षा देने वाले सभी 11 कैदी पास हुए। सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार गोयल ने बताया कि परीक्षा में एक कैदी के फेल होने के बावजूद उसे निराश नहीं होने दिया गया। जेल प्रशासन की ओर से उसे दोबारा मेहनत करने और अगली परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि कैदियों को यह महसूस कराया जा रहा है कि एक परीक्षा में असफल होना जिंदगी में आगे बढ़ने की राह को खत्म नहीं करता।
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