एडीसीपी हरपाल सिंह के साथ बहस करते निहंग।
अमृतसर में गोल्डन टेंपल के सामने सोमवार (3 अगस्त) को निहंगों की पुलिस अधिकारियों से बहस हो गई। पुलिस इन निहंगों को दरबार साहिब में अरदास करने जाने से रोक रही थी। जबकि, निहंग अड़े हुए थे कि गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई है। उसके लिए उन्हें अरदास के लिए
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काफी देर तक चली बहस के बाद ADCP हरपाल सिंह रंधावा पीछे हटे और निहंगों को अरदास के लिए जाने दिया गया। निहंगों का आरोप था कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (SGPC) ने गुरुग्रंथ साहिब के जो पावन स्वरूप कनाडा भेजे थे, उनकी बेअदबी हुई है।
इसके लिए निहंग अकाल तख्त साहिब को लिखित ज्ञापन सौंपने आए थे, जिनमें बेअदबी और लापरवाही से बचने के लिए सुझाव लिखे थे। निहंगों का कहना था कि ये सुझाव कनाडा की 40 गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों ने भेजे हैं। उन्होंने चिंता जताई है कि SGPC ने पावन स्वरूपों को कंटेनर और जर्जर बसों से भेजा था, जोकि स्वरूपों की बेअदबी थी। हालांकि, SGPC ने इन आरोपों को निराधार बताया है।

SGPC ने कुछ समय पहले पावन स्वरूपों को कनाडा भेजा था। – फाइल फोटो
पहले जानिए निहंगों से पुलिस अफसर की क्या बहस हुई…
पुलिस अधिकारी: थोड़ा रुक जाओ। निहंग तेजबीर सिंह खालसा: ऐसे कैसे रुक जाएं? पीछे हो जाओ, पीछे।
पुलिस अधिकारी: पीछे हो जाओ का क्या मतलब है? निहंग तेजबीर सिंह खालसा: मैं अपने सिंहों (साथियों) से कह रहा हूं।
पुलिस अधिकारी: तुम्हें हर जगह अपनी ही बात, अपना ही तरीका लागू करना होता है। निहंग तेजबीर सिंह खालसा: गुरु साहिब की बेअदबी हुई है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का एक महीने तक प्रकाश न होने से स्वरूप को सील लग जाती है और उसके अंग जुड़ने लगते हैं। 3 महीने तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों का प्रकाश नहीं हुआ। वहां (कनाडा) की संगत और 40 गुरुद्वारा प्रबंधक समितियां जो कह रही हैं, क्या वे झूठ बोल रही हैं? हम कोई विवाद पैदा नहीं कर रहे हैं, बल्कि विवाद पैदा करने का तरीका आप अपना रहे हैं।
पुलिस अधिकारी: मैं श्री अकाल तख्त साहिब के अधीन हूं। शिरोमणि कमेटी हमारे गुरुभाई हैं। मुझे उसी मर्यादा के अनुसार चलना है। हमारा किसी से कोई विवाद नहीं है। न मैं कोई विवाद खड़ा करना चाहता हूं और न ही मैंने किया है। निहंग तेजबीर सिंह खालसा: मैं एक जिम्मेदार व्यक्ति हूं। मैं यूं ही किसी को पकड़कर हंगामा नहीं कर दूंगा। हमें अपना ज्ञापन लिखित रूप में देना है। हमें सचिवालय जाना है, श्री अकाल तख्त साहिब जाना है। समझाने का भी एक तरीका होता है, भाई साहब। हर चीज का एक समय होता है।
(इसके बाद एडीसीपी हरपाल सिंह रंधावा ने निहंगों को जाने दिया।)
क्या था पूरा मामला, सिलसिलेवार जानिए…
SGPC ने कहा- कोई बेअदबी नहीं हुई
अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में सोमवार को कनाडा के वैंकूवर और लोअर मेनलैंड की सिख संगत की ओर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप विदेश भेजे जाने के संबंध में एक सुझाव पत्र सौंपा गया। यह पत्र SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के जनरल मैनेजर मेजर सिंह और सचिवालय इंचार्ज बगीचा सिंह ने प्राप्त किया।
इस अवसर पर SGPC सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने स्पष्ट किया कि हाल ही में कनाडा भेजे गए पावन स्वरूप वर्ष 2009 में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तय किए गए नियमों और SGPC की अंतरिम कमेटी के फैसले के अनुसार वहां की संगत की मांग पर भेजे गए थे। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बेअदबी या लापरवाही नहीं हुई है।
पांच सिंह साहिबान लेंगे फैसला
उन्होंने बताया कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाली सिख संगत समय-समय पर पावन स्वरूपों की मांग करती है और सिख धर्म के प्रचार-प्रसार को ध्यान में रखते हुए उन्हें विदेश भेजा जाता है। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था को लेकर संगत की ओर से कुछ सुझाव प्राप्त हुए हैं।
इसलिए, यह पूरा मामला श्री अकाल तख्त साहिब के ध्यान में रखा गया है और सुझाव पत्र पांच सिंह साहिबानों के विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। उनके निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पावन बीड़ें विदेश नहीं भेजी जा रही हैं।
बेअदबी के दावों को बताया गलत
बलविंदर सिंह काहलवां ने उन दावों को भी पूरी तरह गलत बताया, जिनमें कहा जा रहा है कि पावन स्वरूपों को कनाडा में कंटेनर या जर्जर बस के माध्यम से भेजा गया और उनकी बेअदबी हुई। उन्होंने कहा कि सभी पावन स्वरूप नई विशेष पालकी स्वरूप बस में पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ भेजे गए थे। कनाडा पहुंचने पर उन्हें पांच सिंहों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ गुरुद्वारे में सुशोभित किया गया।
उन्होंने बताया कि संबंधित गुरुद्वारे की व्यवस्थाओं का पहले ही निरीक्षण किया गया था और सब कुछ मर्यादा के अनुरूप पाया गया। SGPC ने संगत से अपील की है कि श्री अकाल तख्त साहिब का अंतिम फैसला आने तक किसी भी भ्रामक या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें।

निहंगों और जत्थेबंदियों ने अकाल तख्त में अरदास की।
अकाल तख्त में की अरदास
इस मामले में पंथक जत्थेदारों ने आज श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अरदास भी की। निहंग परमजीत सिंह अकाली ने बताया कि अरदास में प्रार्थना की गई कि गुरु साहिब सिखों की इस सर्वोच्च संस्था (SGPC) को सद्बुद्धि और शक्ति प्रदान करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
साथ ही इस संबंध में कुछ सुझाव भी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपे गए। हमें आशा है कि भविष्य में SGPC ऐसी कोई गलती नहीं करेगी और गुरु घर के प्रबंध को पूरी मर्यादा एवं सुचारु ढंग से संचालित करेगी।







