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पंचकूला बैडमिंटन टूर्नामेंट में खिलाड़ियों-परिजनों का हंगामा, VIDEO:सरकारी कोच पर आरोप-अपनी ग्राउंड के बच्चे जिताने को बदला रोस्टर, कर रहीं बदतमीजी




पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चल रहे बैडमिंटन टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के पैरेंटस ने शुक्रवार को हंगामा कर दिया। हंगामा कर रहे पैरेंटस ने खेल विभाग की कोच सुनीता पर धांधली करने व बदतमीजी करने के आरोप लगाए हैं। ह हंगामा इतना बढ़ गया कि डॉयल 112 की टीम को कॉल किया गया। डॉयल 112 की टीम ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत करवाया। उसके बाद खेल आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारियों को कॉल कर मौके पर बुलाया गया। क्योंकि मौके पर समिति से जुड़े मुख्य पदाधिकारी मौजूद नहीं थे। पंचकूला ताऊ देवीलाल स्टेडियम में अश्विनी गुप्ता मैमोरियल डिस्ट्रिक बैडमिंटन टूर्नामेंट चैंपियनशिप चल रही है। जिसमें शुक्रवार को दोपहर करीब 3 बजे हंगामा हो गया। हंगामा करने वाले खिलाड़ियों के परिजनों ने कहा कि आयोजन समिति ने पूरा जिम्मा सरकारी बैडमिंटन कोच सुनीता को सौंप रखा है। उसके ग्राउंड के बच्चों को स्मूथ मैच देने के लिए वह मनमर्जी से ग्रुप में फेरबदल कर रही है। अंडर-11 बच्चों को भी अंडर-13 ग्रुप में खिलाया जा रहा है। ये बोले बच्चों के परिजन::: 1. पंचकूला निवासी अमित बंसल ने बताया कि उनके बच्चे को अंडर 11 कैटेगिरी में शामिल किया गया है। जब मुकाबले का समय आया तो उसे अंडर-13 में शामिल कर दिया गया। उसके बाद उन्होंने सवाल उठाया तो उन्हें एक बच्चे का नाम बताया गया कि उसके साथ मैच करवा देंगे। ये सरासर धांधली कर रहे हैं। सुनीता कोच अपने बच्चों को जितवाने के लिए ऐसा कर रही हैं। 2. पंचकूला निवासी राज चाबा ने बताया कि उनके बेटे कियान को पहले मैच में बाई मिल गई थी। उन्हें बताया गया कि शाम को 3:40 मैच हो गया। लेकिन कुछ देर बाद ही अनाउंसमेंट हो गई। जब वे पूछने गए तो बताया गया कि अनिरूद्ध बंसल के साथ उनके बेटे का मैच है। जबकि रोस्टर के अनुसार मैच शंशाक के साथ होना था। मनमर्जी कर रोस्टर को खुद ही बाद में बदला जा रहा है। जो कि गलत है, मसला हार-जीत का नहीं है। मामला धांधली का है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।
सचिव व महासचिव को नहीं जानकारी
जब पूरे मामले को लेकर महासचिव पार्थ गुप्ता व सचिव अरूण गुप्ता से फोन कर घटना के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनकी नॉलेज में नहीं है। वे पहले इस मामले का पता करवाते हैं।



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