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रेवाड़ी के मॉडल टाउन थाने में ट्रक ड्राइवर का सुसाइड केस एक बार फिर ताजा हो गया। ड्राइवर की कैंसर पीड़ित पत्नी अपनी 2 बेटियों के साथ तीन दिन में दूसरी बार रेवाड़ी पहुंची। इस बार वह समाधान शिविर में अपनी शिकायत लेकर पहुंची। कागज देखने के बाद उसे वहां से वापस भेज दिया। जिसके बाद वह एसपी के पास गई। एसपी ने महिला के प्रति हमदर्दी तो दिखाई परंतु किसी प्रकार की सहायता का आश्वासन नहीं दे पाए। अधिकारियों द्वारा बिना सुनवाई वापस भेजने के बाद महिला निराश होकर अपनी दोनों बेटियों के साथ दोपहर 3 बजे वाली ट्रेन में सवार होकर यूपी के लिए निकल पड़ी। जब इस बारे में पता करने के लिए डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र सिंह मीणा को फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। जानिए जाते समय क्या बोली विधवा ड्राइवर की पत्नी रितू सिंह ने कहा, मेरे 2 छोटी बेटियां हैं सर, मैं कैंसर पीड़ित हूं। 6 सितंबर 2025 को मेरे पति को मर्डर केस में फंसा दिया। 7 सितंबर को मॉडल टाउन थाने से फोन आया और बताया कि उन्होंने फांसी लगा ली। उस समय हम घर पर थे कुछ नहीं कर पाए। हम यहां परसों भी आए थे और आज फिर आए। मैने सुना कि बृहस्पतिवार को जनता दरबार लगता है, मैं कागज लेकर अपने बेटियों के साथ डीसी के पास गई। डीसी ने कहा कि आपके पास यहां का कागज नहीं है, हम आपके लिए कुछ नहीं कर सकते। फिर हम एसपी सर के पास गए। उन्होंने भी कहा कि हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मैं आपको खाना खिला दूं और 2-4 हजार रुपए की मदद कर सकता हूं। मैने कहा कि 2-4 हजार रुपए और एक दिन के खाना खाने से मेरा कुछ नहीं होगा। यहां हमारी सुनवाई नहीं हुई और अब हम जा रहे हैं। जानिए क्या था मामला उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी ट्रक ड्राइवर विनोद कुमार ने 7 सितंबर की सुबह मॉडल टाउन थाना में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। लॉकअप में कंबल की कतरन से फांसी लगाई थी। लॉकअप में ओढ़ने के लिए मिले कंबल की कतरन गले में बांधकर जेल के जंगले से लटक गया। उसे सन्नी के साथ दोस्त की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद दोनों लॉकअप में थे। ट्रक ड्राइवर विनोद, सन्नी और कंपनी कर्मी जैनपुर निवासी राकेश तीनों इकट्ठे एक कमरे में रहते थे। 3 सितंबर को शराब पीते समय हुई कहासुनी में विनोद और सन्नी पर राकेश की गला दबाकर हत्या का आरोप था। दो मुंशी हुए थे सस्पेंड इस मामले में मॉडल टाउन थाने के छोटे- बड़े दोनों मुंशी को सस्पेंड कर दिया था। पीएसआई की भी विभागीय जांच खोली गई थी। जबकि घटना के समय छुट्टी पर गई एचएचओ का ट्रांसफर हुआ था। तब एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने नियमानुसार मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। साथी को भी नहीं लगी भनक घटना के समय विनोद के साथ सन्नी भी लोकअप में बंद था। जब विनोद में लॉकअप में कंबल की कतरन के साथ फांसी लगाई तो साथ सो रहे साथी को भी उसकी भनक नहीं लग पाई थी। CCTV से पता चला कि विनोद ने सुबह करीब 4 बजकर 7 मिनट पर फांसी लगाई है।
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