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गुरदासपुर के दीना नगर में तीन इमारत और उसके ऊपर बना अस्थाई ढांचा आधी रात को अचानक ढह गया। इस हादसे में एक फर्नीचर और इलेक्ट्रानिक्स दुकान मलबे में तब्दील हो गई। उसमें रखे लाखों के सामान क्षतिग्रस्त हो गए। हादसा आधी रात को होने से शोरूम कोई नही था। इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। यह हादसा जीटी रोड केसर सिनेमा के पास हुआ है। इस भीषण हादसे में 50 लाख रुपये से अधिक का सामान और भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसा रात के समय हुआ जब शोरूम पूरी तरह बंद था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। रात 12:30 बजे भरभराकर गिरी इमारत, सामान मलबे में दबा शोरूम के मालिक जगमोहन सिंह ने आपबीती बताते हुए कहा कि वे रोजाना की तरह रात को अपना शोरूम सही-सलामत बंद करके घर चले गए थे। इसके बाद रात करीब 12:30 बजे अचानक पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। अचानक हुए इस हादसे से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। इमारत गिरते ही शोरूम के अंदर रखा कीमती फर्नीचर और महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स का सारा सामान मलबे के भारी-भरकम ढेर के नीचे दबकर पूरी तरह से नष्ट हो गया। बारिश के बाद धूप बनी तबाही की वजह, 50 लाख का फटका शोरूम मालिक जगमोहन सिंह के आकलन के अनुसार, इमारत ढहने से लगभग 25 से 30 लाख रुपये की कीमत का फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है, जबकि करीब इतनी ही लागत की तीन मंजिला बिल्डिंग को भी सीधा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण इमारत की नींव और दीवारें काफी कमजोर हो चुकी थीं। इसके बाद शुक्रवार को जब तेज धूप निकली, तो सीलन और गर्मी के प्रभाव से जर्जर हो चुकी इमारत अचानक ढह गई। पड़ोसी इमारतों में आई दरारें, हाथ से हटाया जा रहा मलबा हादसा इतना भीषण था कि इस शोरूम के दोनों तरफ स्थित अन्य इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और उनकी दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। घटना के बाद गिरी हुई इमारत का मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। साथ लगती पड़ोसी इमारतों को किसी और खतरे या अतिरिक्त नुकसान से बचाने के लिए बेहद सावधानी बरती जा रही है, जिसके चलते मलबा हटाने के काम में किसी भी भारी मशीनरी का उपयोग न करके मजदूरों द्वारा हाथों से ही मलबा साफ किया जा रहा है।
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दीनानगर में आधी रात को 3 मंजिला इमारत ढही:फर्नीचर-इलेक्ट्रॉनिक शोरूम मलबे में तब्दील, दुकान बंद होने से कोई कर्मचारी बचे







