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चंडीगढ़ में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन:सेक्टर-17 प्लाजा में जुटे ट्राईसिटी के छात्र; दिल्ली में लाठीचार्ज का जताया विरोध




दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ चंडीगढ़ में भी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सेक्टर-17 प्लाजा में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला से बड़ी संख्या में छात्र जुटे और केंद्र सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में बैनर और होर्डिंग लेकर पहुंचे थे। उन्होंने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। 22 छात्रों की मौत सिर्फ सुसाइड नहीं, सिस्टम की नाकामी का नतीजा प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने NEET परीक्षा में कथित धांधली को लेकर कड़ा रोष जताया। उनका कहना था कि हजारों छात्र डॉक्टर बनने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भविष्य प्रभावित होता है। छात्रों ने कहा, NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्रों पर भारी मानसिक दबाव पड़ा। 22 छात्रों की मौत को केवल आत्महत्या कहकर इस पूरे मामले से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता। इसके लिए जिम्मेदार व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध छात्रों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाना हर नागरिक का अधिकार है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज के जरिए छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला से पहुंचे छात्र सेक्टर-17 प्लाजा में हुए प्रदर्शन में चंडीगढ़ के अलावा मोहाली और पंचकूला के कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों से जुड़े छात्र भी पहुंचे। छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करेंगे प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि NEET परीक्षा से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में भरोसे की भी है।



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