हरियाणा में चपरासी, माली, कुक जैसी ग्रुप-डी की नौकरी के लिए युवाओं की कतार लगी है। इस बार राज्य में 15.95 लाख युवाओं ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) के लिए पंजीकरण कराया है। यह संख्या पंचकूला व चरखी दादरी जैसे जिलों की आबादी से भी अधिक है।
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पंजीकरण कराने वालों में से करीब 14 लाख युवाओं ने फाइनल सबमिशन भी कर दिया है। यह संख्या अक्टूबर 2023 में हुए पहले सीईटी से करीब डेढ़ लाख ज्यादा है। उस वक्त 13.50 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया था। उस टेस्ट में 8.51 लाख युवा पास हुए थे। इस बार संख्या और बढ़ गई है। अब कमीशन की ओर से डेटा चेक किया जाएगा। इसके बाद सीईटी कराया जाएगा।
नौकरी न्यूज
- ग्रुप-डी भर्ती के लिए पहला सीईटी 2023 में हुआ। उसे करीब तीन साल का वक्त हो चुका है। सरकार की योजना थी कि हर साल सीईटी कराया जाएगा। अब युवाओं में संशय है कि अगला सीईटी कब होगा।
- ग्रुप-डी के लिए योग्यता 10वीं पास है। हर साल लाखों युवा पास होते हैं। सीईटी से नौकरी का पहला मौका मिलता है।
- राज्य में ग्रुप-डी की भर्ती के लिए सिर्फ सीईटी पास करना है। इसके अलावा कोई परीक्षा नहीं होती। इसमें मेरिट वाले अभ्यर्थियों को सीधे नियुक्ति दी जाती है।
- बेरोजगारी भी एक वजह है। ग्रुप-डी भर्ती के लिए 10वीं पास वालों के साथ डिग्रीधारक भी बड़ी संख्या में आवेदन कर रहे हैं।






