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हांसी में स्वास्थ्य विभाग, ड्रग कंट्रोल विभाग और स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने बुधवार को नारनौंद क्षेत्र के गांव लोहारी राघो में एक अवैध क्लिनिक पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने एक मरीज को ड्रिप चढ़ाकर उल्टी-दस्त का इलाज करते हुए पाया। यह कार्रवाई करीब छह घंटे तक चली। क्लिनिक संचालक की पहचान लोहारी राघो निवासी गुलशन कुमार के रूप में हुई। जांच के दौरान वह अपनी कोई मेडिकल डिग्री या क्लिनिक संचालन का वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गुलशन कुमार पिछले लगभग 15 वर्षों से अवैध रूप से यह क्लिनिक चला रहा था। बरामद दवाईयों की जा रही जांच ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अजय लुहाच ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में क्लिनिक में एक मरीज भर्ती मिला, जिसकी नस में ड्रिप लगी हुई थी। टीम ने मौके से 23 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां भी बरामद कीं। इन दवाइयों की वैधता और उपयोग की जांच की जा रही है। डॉ. अजय लुहाच ने आगे बताया कि गुलशन कुमार के खिलाफ नेशनल मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। बरामद दवाइयों और अन्य दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की जा रही है। टीम में यह अफसर रहे शामिल इस संयुक्त कार्रवाई में ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (हिसार-III) डॉ. अजय लुहाच, सीएचसी सिसाय के मेडिकल ऑफिसर डॉ. जगदीप सिंह और स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो हिसार यूनिट के एसआई सत्यपाल सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल रहे। डॉ. अजय लुहाच ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाना जान जोखिम में डालने जैसा है। बिना योग्यता और प्रशिक्षण के इलाज करने वाले ऐसे लोग मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी अवैध मेडिकल प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगा।
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हांसी में 12वीं फेल झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार:15 साल से चला रहा क्लिनिक, 23 दवाएं बरामद, 3 विभागों की टीम ने की छापेमारी







