हिसार8 घंटे पहले
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भाजपा विधायक धनाना आश्रम जाकर रामपाल से मुलाकात करते हुए।
हरियाणा के हिसार जिले में नलवा सीट से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल ने नामदीक्षा देने से इनकार कर दिया। पनिहार सोमवार की शाम को रामपाल से मिलने उनके सोनीपत स्थित आश्रम पहुंचे थे। यहां दोनों की करीब चार मिनट की मुलाकात हुई। इस दौरान पनिहार, रामपाल की तारीफ करते नजर आए।
इसके बाद रामपाल ने कहा कि आप मेरी भी सुन लो, मैंने आपकी सुन ली। आप नाम सुमिरन किया करो। पनिहार ने कहा कि मैंने तो आपका नाम ले लिया है। इस पर रामपाल ने कहा कि ऐसे नहीं होता, स्कूल में दाखिला के लिए पहले नाम लिखवाना पड़ता है।
पनिहार ने कहा कि मेरा नाम तो आज से लिख लीजिए। रामपाल ने कहा कि ऐसे नहीं होता, पहले ज्ञान समझो और हमारे स्कूल की टर्म एंड कंडीशन समझो, फिर आपका यहां एडमिशन होगा। पनिहार ने कहा कि फिर आप समय दे दो। रामपाल ने कहा कि ये काम मैं नहीं करता, हमारे हेल्पर करते हैं। रामपाल की बात सुनने के बाद विधायक का मुंह उतर गया और वे वापस लौट आए।

दो महीने पहले भी पनिहार ने रामपाल से आशीर्वाद लिया था।
4 मिनट तक इस तरह हुई पनिहार-रामपाल की बातचीत…
रामपाल: नेता जी आ गए। पनिहार: मैं तो आपका आशीर्वाद लेने हमेशा आता रहता हूं।
रामपाल: आप पीछे भी आए थे। पनिहार : आप हमारे बहुत ऊंचे संत हैं।
रामपाल: मैं एक सेवक हूं। पनिहार: मैं दो बार शारीरिक रूप से हाजिरी लगा चुका हूं। मानसिक रूप से जब-जब मैंने आपसे प्रार्थना की, आपने मेरी प्रार्थना को स्वीकार किया। आपने बाढ़ के समय मेरे हलके में काम करवाए। वहां लोगों को जब आपके सामने नतमस्तक देखा तो मैं भी नतमस्तक हो गया।
रामपाल ने हंसते हुए : हमने नलवा हलके में खूब काम करवाए हैं। पनिहार: नाम लेते ही आप मदद करते हो।
इसके बाद रामपाल आगे बोलना चाह रहे थे तो विधायक ने उनकी बात काटते हुए तारीफ करनी शुरू कर दी।
पनिहार : मन की प्रार्थना आमने-सामने मिलने से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। जब-जब मैं आपको याद करता हूं तो आप साक्षात मेरे हलके में जाकर मदद करते हो। हमेशा इसी तरह से आपका आशीर्वाद बना रहे। यही प्रार्थना लेकर मैं आपके बीच आया हूं। रामपाल : आपने अपनी बात कह ली तो अब मेरी बात सुन लो। परमात्मा सभी की पुकार सुनते हैं। भविष्य सुधारने के लिए भक्ति करनी चाहिए। इसके बाद रामपाल ने पनिहार को महाभारत में तित्तिरी प्रकरण सुनाया और कहा कि भगवान ने तो उसकी भी सुन ली थी। यह पिछले संस्कार की वजह से सुनवाई हो रही है। भक्ति जीवन का काम शुरू करो।
पनिहार : मैं तो जी मन से आपका नाम लेता हूं, आपके अनुयायियों से सीखता हूं। आपके प्रभाव की ताकत है कि आपके पास करोड़ों लोग आते हैं। आगे भी आऊंगा। रामपाल: पहले नाम लो।
पनिहार: मैं जब भी आऊं और साथियों के साथ आऊं तो उनको आशीर्वाद देते रहना। रामपाल: मेरी असली बात सुनो, आप नाम लो।
पनिहार: मैंने तो आपका नाम ले लिया है। रामपाल: ऐसे नहीं होता, स्कूल में दाखिला के लिए नाम लिखवाना पड़ता है।
पनिहार: मेरा तो आज से लिख लीजिए। रामपाल : पहले ज्ञान समझो और हमारे स्कूल की टर्म एंड कंडीशन समझो, फिर आपका एडमिशन होगा।
पनिहार: फिर आप समय दे दो। रामपाल ने कहा कि यह काम हमारे हेल्पर करते हैं।

रामपाल ने हिसार में बाढ़ राहत के लिए पानी के पाइप भिजवाए थे।
विधायक इस वजह से जा रहे रामपाल की शरण में
पिछले साल मानसून सीजन में हिसार के कई गांव बाढ़ के चपेट में आए गए थे। सरकारी मशीनरी गांवों से पानी निकालने में विफल हो गई थी। इसके बाद पंचायतों ने रामपाल से मदद मांगी थी। रामपाल तब जेल में थे, मगर उनके परिवार और समर्थकों ने बाढ़ राहत के लिए मुहिम चलाई और गांव-गांव पानी के पाइप और मोटरें पहुंचाईं।
विधायक पनिहार जब गांवों का दौरा करने गए तो वह यह देखकर हैरान हो गए थे। सरकार की नाकामी पर ग्रामीणों ने विधायक को जमकर खरी-खोटी भी सुनाई थीं। अपने हलके में रामपाल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए विधायक अब खुद रामपाल के दरबार में जाकर उनका भक्त होने का दावा कर रहे हैं।
दूसरी बार आने पर रामपाल भांप गए
अब जब दूसरी बार पनिहार रामपाल के दर्शनों के लिए आए तो रामपाल उनकी बातें सुनकर सारी स्थिति जान गए। उन्होंने इसलिए रामपाल को नाम लेने की सलाह दी। पनिहार लगातार रामपाल के आगे बोल रहे थे और उनकी बातों को भी काट रहे थे, जिससे रामपाल खुद भी असहज हो रहे थे।
इसके बाद रामपाल ने कहा कि मैंने आपकी सारी बातें सुन ली और अब आप मेरी सुनो। इसके बाद रामपाल ने कहा कि भक्ति जीवन का काम शुरू करो। भविष्य सुधारने के लिए भक्ति करनी चाहिए।


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