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नूंह जिले के सुखपुरी गांव में ग्रामीणों ने साइबर ठगी और नशे के खिलाफ एक बड़ा सामाजिक अभियान शुरू किया है। गांव में आयोजित एक विशेष पंचायत में युवाओं ने साइबर अपराध से तौबा करते हुए 50 से 55 मोबाइल फोन पंचायत को सौंप दिए। जिन्हें बाद में ग्रामीणों की मौजूदगी में तोड़ दिया गया। इस दौरान युवाओं ने भविष्य में किसी भी तरह की साइबर ठगी या अवैध गतिविधि में शामिल न होने की शपथ भी ली। गांव के सरपंच आसफ की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में नशे और साइबर अपराध के गंभीर दुष्परिणामों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ये बुराइयां युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रही हैं और यदि समय रहते इन पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाली पीढ़ियां भी इसकी चपेट में आ सकती हैं। ‘नशा और साइबर अपराध को पनपने नहीं दिया जाएगा’ पंचायत में ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। साथ ही सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि गांव में किसी भी कीमत पर नशे का कारोबार और साइबर अपराध को पनपने नहीं दिया जाएगा। इस मुहिम को मजबूत बनाने के लिए पंचायत ने 31 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया है। यह समिति गांव में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी। यदि कोई व्यक्ति नशे के कारोबार या साइबर ठगी में लिप्त पाया जाता है, तो पहले उसे समझाने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन सुधार न होने पर उसके खिलाफ पुलिस से सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि सुखपुरी को नशा और साइबर अपराध मुक्त गांव बनाया जाएगा।
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नूंह के सुखपुरी में नशा-साइबर ठगी से तौबा:युवाओं ने 55 मोबाइल तोड़े, अपराध न करने की शपथ ली







