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लुधियाना के दाखा हलके से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली कल चंडीगढ़ प्रेस क्लब में अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल होने जा रहे हैं। मनप्रीत अयाली ने हाल ही में अकाली दल पुनरसुरजीत से इस्तीफा दिया था और कयास लगाए जा रहे थे कि वो अब आम आदमी पार्टी ज्वाइन करेंगे। मनप्रीत आयाली के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि अयाली आम आदमी पार्टी नहीं बल्कि अमृतपाल की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे ज्वाइन कर रहे हैं। मंगलवार को अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह उन्हें पार्टी में शामिल करेंगे। मनप्रीत अयाली के साथ उनके समर्थक व हाल ही में जिला परिषद व ब्लॉक समिति का चुनाव जीतने वाले नेता भी अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल होने जा रहे हैं। गौरतलब है कि मनप्रीत सिंह अयाली शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर दाखा से विधायक चुने गए थे। बेअदबी के मुद्दे पर पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के साथ उनकी दूरियां बढ़ी। देखते-देखते दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। जिसके बाद मनप्रीत सिंह अयाली ने शिअद छोड़कर अकाली दल पुनरसुरजीत ज्वाइन की थी। समर्थकों से बोले, दिल्ली वाली पार्टियों में नहीं होंगे शामिल अयाली के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थी। जिस पर अयाली ने समर्थकों को साफ कह दिया कि वो दिल्ली से चलने वाली पार्टियों में किसी भी हाल में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में करप्शन खत्म करने की बात कहकर आई थी लेकिन उन्होंने कहा पार्टी खुद ही करप्शन में डूब गई। उन्होंने बताया कि जो काम पहले 2000 रुपए देकर होता था वो 20 हजार में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप वाले हर महीने 500 करोड़ रुपए दिल्ली भेज रहे हैं। अयाली ने समर्थकों के साथ बैठक में लिया फैसला लिया मनप्रीत सिंह अयाली लुधियाना के हलका दाखा में अच्छा प्रभाव रखते हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक जुड़े हैं। जानकारी के अनुसार रविवार को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ बैठक की और उसी बैठक में अकाली दल वारिस पंजाब में शामिल होने का फैसला लिया। समर्थकों ने भी अयाली के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि वो भी उनके साथ इसी पार्टी में शामिल होंगे। अकाली दल के सिद्धांतों पर राजनीति करेंगे अयाली का कहना है कि अकाली दल के जो सिद्धांत थे उनके आधार पर ही राजनीति करेंगे। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अपने मूल सिद्धांत से भटक गई और इसीलिए मैंने उस पार्टी से किनारा किया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी पंथ के हित और नौजवानों के बारे में सोचेगी उसके साथ काम करेंगे। उन्होंने अमृतपाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस पर एनएसए लगाना गलत था और उसकी आवाज को मैं विधानसभा में भी उठाता रहा हूं। माघी मेले में ही लिखे गए थे स्क्रिप्ट इस बड़े सियासी दलबदल की नींव हाल ही में अयाली ने मुक्तसर में आयोजित ऐतिहासिक माघी मेले के दौरान ही रख दी गई थी। अयाली ने ‘अकाली दल वारिस पंजाब’ के मंच पर खड़े होकर खुलकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। उन्होंने जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की सोच की खुलकर वकालत की थी और उसे “पंजाब की असली सोच” करार दिया था। तभी से यह साफ हो गया था कि अयाली अब पारंपरिक राजनीति को छोड़कर गरमख्याली और कट्टर पंथक लाइन पर आगे बढ़ने की तैयारी कर चुके हैं। ‘आप’ की लहर में भी अयाली का जलवा साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में जब पूरे सूबे में आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रचंड आंधी चल रही थी और बड़े-बड़े दिग्गज ढह गए थे, तब भी अयाली ने लुधियाना की दाखा सीट से अकाली दल का परचम लहराया था। इससे पहले वे उपचुनाव में भी अपनी ताकत का लोहा मनवा चुके थे। अयाली सिर्फ एक विधायक नहीं थे, बल्कि शिरोमणि अकाली दल के भीतर उनकी बात का बड़ा वजन था। वे जिला परिषद लुधियाना के चेयरमैन भी रहे और जमीनी स्तर पर उनका नेटवर्क बेहद तगड़ा माना जाता है। सुखबीर बादल के ‘राइट हैंड’ से ‘कट्टर विरोधी’ बने एक वक्त था जब मनप्रीत सिंह अयाली को सुखबीर सिंह बादल का सबसे करीबी और भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता था। लुधियाना और आसपास के इलाके में अकाली दल का पूरा दारोमदार अयाली के कंधों पर ही था। लेकिन, बेअदबी के मुद्दे व झूंदा कमेटी की सिफारिशें पार्टी में लागू न होने पर सुखबीर बादल की खिलाफत शुरू की। अकाल तख्त ने अकाली दल के पुनर्गठन को लेकर जो कमेटी बनाई उसमें भी मनप्रीत अयाली सदस्य थे। मनप्रीत बादल का आरोप रहा है कि सुखबीर बादल ने कमेटी की सिफारिशों को भी नजरअंदाज किया।
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लुधियाना में अमृतपाल की पार्टी में जाएंगे अयाली:कल वारिस पंजाब दे ज्वाइन करेंगे; समर्थकों संग लिया फैसला, कई नेता भी होंगे शामिल







