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करनाल के नन्हेड़ा गांव में खेतों से मिले युवक बॉबी के शव के मामले ने ओर भी ज्यादा तूल पकड़ लिया है। पीजीआई चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम होने के बाद भी परिजन अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस इस मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं कर रही, क्योंकि इसमें सत्ताधारी दल से जुड़े एक बीजेपी मंडल अध्यक्ष का नाम सामने आ रहा है। परिजन निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। करनाल में पहले हुए पोस्टमार्टम में मौत को सामान्य बताया गया था, लेकिन पीजीआई में दोबारा पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर तीन चोटें मिलने की बात सामने आई है। इस विरोधाभास के चलते परिवार को शक है कि कहीं न कहीं मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें कार्रवाई से संतुष्टि नहीं मिलती, तब तक शव का दाह संस्कार नहीं किया जाएगा। वहीं पुलिस लगातार परिवार को समझाने का प्रयास कर रही है। पीजीआई में सामने आईं चोटें, जलन के निशानों की जांच जारी
मृतक के भाई अभिषेक कुमार ने बताया कि पीजीआई के डॉक्टरों ने बॉबी के पांव, पसलियों के ऊपर और सिर में चोट होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि शरीर पर जले हुए निशानों को लेकर डॉक्टरों ने सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके बाद ही साफ होगा कि यह तेजाब था या कोई अन्य पदार्थ। परिवार को यह भी आशंका है कि बॉबी को करंट लगाया गया हो, क्योंकि उसकी जुराब जली हुई मिली थी।
परिजनों के अनुसार उन्हें जानकारी मिली है कि बॉबी को पहले गांव संगोहा में प्रताड़ित किया गया और बाद में शव को नन्हेड़ा के खेतों में फेंक दिया गया। परिवार का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुख्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उनका आरोप है कि अभी केवल दो-तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि बाकी खुले घूम रहे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष का नाम आने से बढ़ा विवाद
परिवार ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कुछ लोग राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं। इनमें राममेहर शर्मा का नाम भी शामिल है, जो भाजपा मंडल अध्यक्ष बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि इसी कारण पुलिस सख्त कार्रवाई से बच रही है और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। क्या था पूरा मामला
परिजनों के मुताबिक, नन्हेड़ा गांव निवासी बॉबी 25 मई की सुबह करीब 7:30 बजे घर से निकला था। उसने अपनी मां रीना को बताया था कि वह थोड़ी देर में वापस लौट आएगा। बॉबी के भाई अभिषेक कुमार के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे उसकी आखिरी बार बात हुई थी, जिसमें उसने जल्द घर आने की बात कही थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। अगले दिन खेतों में मिला शव
देर रात तक घर न लौटने पर परिवार को चिंता हुई। अगले दिन जब फोन मिलाया गया तो एक पुलिस कर्मचारी ने कॉल उठाकर बताया कि खेतों में एक शव मिला है। इसके बाद परिवार मौके पर पहुंचा, जहां नन्हेड़ा गांव के खेतों में बॉबी का शव पड़ा मिला। शव की हालत देख हत्या की जताई आशंका
परिजनों का कहना है कि शव की हालत बेहद खराब थी। चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर जलने के निशान थे और नाक-मुंह से खून निकल रहा था। इन हालातों को देखकर परिवार ने तुरंत हत्या की आशंका जताई और पुलिस पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया। इन लोगों पर लगाए सीधे आरोप
अभिषेक कुमार ने अपनी शिकायत में रिंकू, जयपाल, मोहित उर्फ पादी, अंकित, उसके भाई पाहड़ी निवासी गांव संगोही और राममेहर शर्मा निवासी गांव माखूमाजरा को नामजद किया है। परिजनों का कहना है कि इन लोगों के साथ उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पहले भी मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी
परिवार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज कराया गया था। उस दौरान बॉबी को जान से मारने की धमकी दी गई थी और तीन बार उस पर हमला भी किया गया था। परिवार ने बताया कि उन्होंने पहले एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था, जिससे रंजिश और बढ़ गई थी। 27 मई को पोस्टमार्टम को लेकर हुआ विवाद
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लिया। 27 मई को परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। बाद में डीएसपी सतीश कुमार मौके पर पहुंचे और समझाने के बाद परिवार राजी हुआ। इसके बाद डॉक्टरों के बोर्ड की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया गया। पीजीआई में दोबारा कराया गया पोस्टमार्टम
करनाल में हुए पोस्टमार्टम से संतुष्ट न होने पर परिजनों ने पीजीआई चंडीगढ़ में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की। इसके बाद शव को पीजीआई भेजा गया, जहां दोबारा जांच हुई और तीन चोटें सामने आईं। इसके बावजूद परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे संतुष्ट नहीं होंगे। पुलिस बोली- रिपोर्ट का इंतजार, कुछ लोग हिरासत में
इंद्री थाना के एसएचओ राकेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस लगातार परिवार को समझाने का प्रयास कर रही है ताकि अंतिम संस्कार कराया जा सके।
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करनाल बॉबी हत्याकांड मामला:PGI रिपोर्ट के बाद भी संतुष्ट नहीं परिजन,अंतिम संस्कार करने से किया इंकार,FIR BJP मंडल अध्यक्ष का नाम भी शामिल







