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गुरुग्राम में 'डॉ. बंगाली जनता सेवा क्लीनिक' सील:बिना डिग्री 6 साल से क्लीनिक चला रहा डॉक्टर पकड़ा, 17 तरह के उपकरण और दवाएं जब्त




गुरुग्राम के न्यू पालम विहार इलाके में स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी क्लीनिक का भंडाफोड़ किया है। टीम ने सेक्टर-110 स्थित यादव मार्केट में अवैध रूप से चल रहे “डॉ. बंगाली जनता सेवा क्लीनिक” पर छापा मारकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे एक फर्जी डॉक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई जिला सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओम प्रकाश और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. सुरेश कुमार की अगुवाई वाली एक विशेष टीम द्वारा अंजाम दी गई। विभाग को काफी समय से इस क्लीनिक के खिलाफ गुप्त शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने देर रात योजनाबद्ध तरीके से यादव मार्केट में स्थित इस क्लीनिक पर रेड की। छापेमारी के दौरान मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। टीम ने देखा कि एक व्यक्ति बिना किसी योग्यता के वहां मौजूद मरीजों का धड़ल्ले से इलाज कर रहा था। पश्चिम बंगाल का निवासी है फर्जी डॉक्टर
पकड़े गए आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के निवासी सुकुमार बिस्वास के रूप में हुई है। जांच के दौरान जब स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोल के अधिकारियों ने सुकुमार से उसकी मेडिकल डिग्री, पंजीकरण प्रमाण पत्र (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) और ड्रग लाइसेंस की मांग की, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके अलावा, क्लीनिक के पास बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण का सर्टिफिकेट या दवाइयों की खरीद-बिक्री का कोई वैध रिकॉर्ड भी नहीं था। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने कबूल किया कि वह पिछले छह वर्षों से इस इलाके में बिना किसी कानूनी अनुमति और मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा था। दवाइयां और उपकरण जब्त
क्लीनिक की तलाशी के दौरान संयुक्त टीम को एलोपैथिक दवाइयां, इस्तेमाल की जा चुकीं सिरिंज, आईवी (IV) सेट, ग्लूकोज की बोतलें और कई अन्य प्रतिबंधित मेडिकल उपकरण बरामद हुए। इसके अलावा मौके से कुछ लैब रिपोर्ट्स भी मिलीं, जिनका इस्तेमाल आरोपी मरीजों को गंभीर बीमारियों का डर दिखाकर गुमराह करने और मोटी रकम वसूलने के लिए करता था। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से 17 अलग-अलग प्रकार की एलोपैथिक दवाओं और उपकरणों को जब्त किया और उन पर “VK” मार्का मोहर लगाकर उन्हें सील कर दिया। पुलिस हिरासत में आरोपी, एफआईआर दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत बजघेड़ा थाना पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर सुकुमार बिस्वास को हिरासत में ले लिया और मौके से सील की गई दवाइयों व अन्य दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया। मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओम प्रकाश की शिकायत के आधार पर बजघेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और मेडिकल काउंसिल एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध धंधे में उसके साथ कोई और तो शामिल नहीं था।



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