4 घंटे पहले
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अमेरिका के दक्षिण-पश्चिमी वॉशिंगटन में मंगलवार सुबह एक पल्प और पेपर मिल में खतरनाक केमिकल से भरा टैंक फट गया। हादसे में कई लोग केमिकल से झुलस गए और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
लॉन्गव्यू फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने इसे बड़ा हादसा बताया है। करीब 40 फायरफाइटर्स और पैरामेडिक्स ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किया। यह फैक्ट्री टिश्यू, प्रिंटिंग पेपर और पैकेजिंग सामान बनाने का काम करती है, जहां करीब 1,000 कर्मचारी काम करते हैं।
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बेल्जियम में ट्रेन और स्कूल बस की टक्कर, 2 बच्चों समेत 4 की मौत

बेल्जियम के बुगेनहाउट शहर में मंगलवार सुबह स्कूल मिनीबस और ट्रेन की टक्कर में दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 8 बजे रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर हुआ। मिनीबस में 7 बच्चे, ड्राइवर और एक अटेंडेंट सवार थे।
फेडरल पुलिस प्रवक्ता एन बर्जर ने बताया कि बस स्पेशल एजुकेशन स्कूल जा रही थी। ट्रेन में सवार किसी यात्री को चोट नहीं आई, हालांकि एक व्यक्ति सदमे में है।
हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों में मिनीबस रेलवे ट्रैक के किनारे पलटी हुई दिखाई दी। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। कुछ समय के लिए इलाके में रेल यातायात प्रभावित रहा।
बेल्जियम के मोबिलिटी मंत्री जीन-ल्यूक क्रुक ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक रेलवे क्रॉसिंग के बैरियर नीचे थे। वहीं फ्लेमिश शिक्षा मंत्री जुहाल डेमिर ने घटना को दिल तोड़ने वाली बताया।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
BLA ने पाकिस्तान के 82 सैनिकों की मौत का दावा किया, 2 दिन पहले रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला किया था

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को रेलवे क्रॉसिंग के पास एक आत्मघाती हमला हुआ। इसमें जाफर एक्सप्रेस की कई बोगियां पटरी से उतर गईं। पाकिस्तान के अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि इसमें 82 सैनिक मारे गए हैं जबकि 121 घायल हैं।
हालांकि पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। BLA की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि हमला क्वेटा कैंट रेलवे स्टेशन के बाहरी इलाके चमन फाटक के पास एक सैन्य शटल ट्रेन पर किया गया। संगठन ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में उसकी मजीद ब्रिगेड और जिराब खुफिया विंग शामिल थे।
BLA के अनुसार मारे गए और घायल लोगों में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी, जूनियर अधिकारी, सैनिक और नए भर्ती जवान शामिल हैं। संगठन ने कहा कि यह हमला लंबे समय तक निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद किया गया।
BLA ने यह भी दावा किया कि एक आत्मघाती हमलावर ने स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 8 बजे ट्रेन को निशाना बनाया। संगठन का कहना है कि पहले रेलवे ढांचे पर हुए हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना ने जवानों की आवाजाही के लिए गुप्त इंतजाम शुरू किए थे, लेकिन इसके बावजूद हमला किया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भारत-कनाडा फ्री ट्रेड डील पर तेजी, कनाडाई PM बोले- यह दोनों देशों के लिए गेम चेंजर होगा

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि भारत के साथ फ्री ट्रेड डील को लेकर बातचीत तेजी से चल रही है। उन्होंने इस समझौते को कनाडा के कारोबार और कर्मचारियों के लिए गेम चेंजर बताया।
कार्नी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि इस डील से कनाडा को भारत जैसा बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई बैठक में ऊर्जा, कृषि, टेक्नोलॉजी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
पीयूष गोयल इस समय तीन दिन के कनाडा दौरे पर हैं। उन्होंने बताया कि भारत और कनाडा का लक्ष्य इस साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा करना है। दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को 17 अरब डॉलर से बढाकर 50 अरब डॉलर तक ले जाना चाहते हैं।
गोयल ने बताया कि इस दौरे में भारत से 112 कंपनियों का अब तक का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल कनाडा पहुंचा है। इसमें ऊर्जा, फार्मा, टेक, ऑटोमोबाइल और कृषि समेत कई सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।
रूस की कीव पर बड़े हमले की चेतावनी; विदेशियों से शहर छोड़ने को कहा

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में डिफेंस इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज पर ‘सिस्टमैटिक स्ट्राइक्स’ की चेतावनी दी है। मॉस्को ने विदेशी नागरिकों, राजनयिक मिशनों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों से जल्द शहर छोड़ने को कहा है।
रूस का दावा है कि यह कार्रवाई कब्जे वाले लुहांस्क क्षेत्र के स्टारोबिल्स्क में हुए ड्रोन हमले के जवाब में होगी, जिसमें 18 लोगों की मौत और 42 लोग घायल हुए थे। यूक्रेन ने छात्रावास को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पिछले हफ्ते हुए हमले के बाद अब ‘सिस्टमैटिक स्ट्राइक्स’ शुरू किए जाएंगे। मॉस्को के मुताबिक यूक्रेन ड्रोन डिजाइन, प्रोग्रामिंग और लॉन्चिंग से जुड़े ठिकानों का इस्तेमाल कीव में कर रहा है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर स्थानीय लोगों को सैन्य और प्रशासनिक ढांचों से दूर रहने की सलाह भी दी गई।
बाद में जारी बयान में कहा गया कि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को फोन कर अमेरिकी दूतावास स्टाफ को निकालने की सलाह दी।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने रूस की धमकी को “ब्लैकमेल” बताया और सहयोगी देशों से दबाव में नहीं आने की अपील की। यूक्रेनी सेना ने कहा कि उसका निशाना छात्रावास नहीं, बल्कि एक एलीट ड्रोन कमांड यूनिट थी।
रूस ने हाल के दिनों में कीव और आसपास के इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज किए हैं।
रूस ने रविवार को पुष्टि की कि उसने ओरेश्निक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। यह परमाणु क्षमता वाली मिसाइल है और यूक्रेन युद्ध में इसका तीसरी बार इस्तेमाल हुआ है।
लाओस की बाढ़ग्रस्त गुफा में एक हफ्ते से फंसे 7 ग्रामीणों को बचाने की कोशिशें तेज

लाओस में बाढ़ से भरी गुफा में पिछले एक हफ्ते से फंसे 7 ग्रामीणों को निकालने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। ग्रामीण सोने की तलाश में गुफा में गए थे, तभी अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बाहर निकलने का रास्ता बंद कर दिया।
रेस्क्यू मिशन में थाईलैंड और फिनलैंड के एक्सपर्ट गोताखोर भी शामिल हुए हैं। इनमें कुछ विशेषज्ञ 2018 के चर्चित थाईलैंड केव रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा रह चुके हैं।
लाओ न्यूज एजेंसी के मुताबिक ग्रामीण गुफा के अंदर ऊंचे हिस्से पर फंसे हैं, जहां लगातार हवा पहुंच रही है। बचाव दल को वहां तक पहुंचने के लिए करीब 340 मीटर लंबी सुरंग पार करनी होगी। कुछ हिस्से केवल 60 सेंटीमीटर चौड़े हैं, इसलिए रेस्क्यूर्स को रेंगकर आगे बढ़ना पड़ रहा है।
रेस्क्यू टीम हेलमेट, ब्रीदिंग मास्क और गैस मॉनिटर का इस्तेमाल कर रही है। गुफा के अंदर ऑक्सीजन स्तर और जहरीली गैसों की निगरानी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर शेयर वीडियो में रेस्क्यूर्स लगभग पानी से भरी अंधेरी गुफाओं में आगे बढ़ते दिखाई दिए।
गुफा के बाहर रस्सियों की मदद से एक अलग टीम पहाड़ पर मौजूद चार संभावित शाफ्ट की जांच कर रही है। कोशिश है कि ऊपर से कोई वैकल्पिक रास्ता मिल सके।
स्थानीय अधिकारियों को घटना की जानकारी उस ग्रामीण ने दी, जो बाढ़ आने से पहले किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा था।
इलाके के ग्रामीण अक्सर सोने की तलाश में इस गुफा में जाते हैं, जबकि प्रशासन पहले भी सुरक्षा चेतावनी जारी कर चुका है।
WHO बोला- इबोला महामारी ‘काबू से बाहर’: संदिग्ध मौतें 220 पहुंचीं, युगांडा में भी नए केस मिले

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैला इबोला संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। WHO प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयसस ने कहा कि अब तक 220 संदिग्ध मौतें हो चुकी हैं और महामारी “हमसे आगे निकल रही है।”
संक्रमण अब पड़ोसी देश युगांडा तक फैल चुका है। वहां सोमवार को दो नए केस मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 7 हो गई है।
WHO प्रमुख टेड्रोस ने कहा कि शुरुआती मामलों की पहचान में देरी हुई, जिसकी वजह से अब स्वास्थ्य एजेंसियां ‘कैच-अप’ मोड में काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि DRC में निगरानी बढ़ाने के बाद अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं।
मौजूदा संक्रमण इबोला के दुर्लभ बंडीबुग्यो स्ट्रेन से फैल रहा है। इस स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। इबोला संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है और गंभीर ब्लीडिंग व अंग फेल होने का कारण बन सकता है।
महामारी का केंद्र DRC के उत्तर-पूर्वी इतुरी प्रांत में है। संक्रमण आसपास के इलाकों में 200 किलोमीटर तक फैल चुका है और अब सीमा पार युगांडा में भी केस सामने आ रहे हैं।
युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को मिले दो नए संक्रमित राजधानी कंपाला के एक निजी अस्पताल के हेल्थ वर्कर्स हैं।
इसी बीच पूर्वी DRC में इबोला मरीजों का इलाज कर रहे मोंगबवालू जनरल हॉस्पिटल पर रविवार रात हमला हुआ। हथियारबंद युवकों के हंगामे के बाद मेडिकल स्टाफ को मरीजों को सुरक्षित निकालना पड़ा।
अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर ने बताया कि हमलावर अपने रिश्तेदारों के शव मांग रहे थे। इलाके में फायरिंग भी हुई।
शनिवार को स्थानीय लोगों ने डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) की इबोला फैसिलिटी को आग लगा दी थी। इस दौरान 18 संदिग्ध मरीज वहां से गायब हो गए।
संक्रमण रोकने के लिए कांगो सरकार ने अंतिम संस्कार से जुड़े बड़े जमावड़ों और 50 से ज्यादा लोगों की भीड़ पर प्रतिबंध लगाया है।
ऑस्ट्रेलिया में डिप्थीरिया से पहली मौत: 34 साल का सबसे बड़ा प्रकोप, 245 केस सामने आए

ऑस्ट्रेलिया में डिप्थीरिया से लगभग एक दशक बाद पहली मौत दर्ज की गई है। देश इस समय दशकों के सबसे बड़े डिप्थीरिया प्रकोप से जूझ रहा है।
नॉर्दर्न टेरिटरी (NT) के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को बताया कि अप्रैल में रॉयल डार्विन हॉस्पिटल में भर्ती एक व्यक्ति की मौत डिप्थीरिया संक्रमण से हुई थी। यह 2018 के बाद देश में डिप्थीरिया से पहली मौत मानी जा रही है।
इस साल अब तक ऑस्ट्रेलिया में 245 मामले सामने आ चुके हैं, जो 1991 के बाद सबसे बड़ा प्रकोप है। मार्च में नॉर्दर्न टेरिटरी ने आधिकारिक तौर पर डिप्थीरिया आउटब्रेक घोषित किया था। संक्रमण के मामले वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया, साउथ ऑस्ट्रेलिया और क्वींसलैंड में भी सामने आए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश मामले दूरदराज के आदिवासी समुदायों में दर्ज किए गए हैं। कुल मामलों में करीब 60% नॉर्दर्न टेरिटरी और 36% वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में मिले हैं।
NT के स्वास्थ्य मंत्री स्टीव एजिंगटन ने बताया कि 30 मार्च के बाद से 10,407 वैक्सीनेशन किए जा चुके हैं।
प्रभावित इलाकों में डार्विन, कैथरीन और एलिस स्प्रिंग्स में पॉप-अप क्लीनिक लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि वैक्सीन संक्रमण रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
डिप्थीरिया के दो प्रमुख प्रकार होते हैं—रेस्पिरेटरी और क्यूटेनियस। रेस्पिरेटरी डिप्थीरिया में गले का गंभीर संक्रमण, सांस लेने और निगलने में दिक्कत हो सकती है, जबकि क्यूटेनियस डिप्थीरिया त्वचा पर घाव और अल्सर पैदा करता है।








