गुरुग्राम पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सिम बॉक्स का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय नंबरों को स्थानीय नंबरों में बदलकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झज्जर जिले के दरियापुर निवासी 32 वर्षीय मनोज और ढाणा निवासी 25 वर्षीय तमन्ना के रूप में हुई है। पुलिस ने तकनीकी सहायता और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के आधार पर 2 अप्रैल को सेक्टर-65 स्थित एमराल्ड प्लाजा में एक कार्यालय पर छापा मारा था। मौके से चार सिम बॉक्स, नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े कई उपकरण बरामद किए गए। जांच में पता चला कि इन सिम बॉक्स का इस्तेमाल निवेश धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी की वारदातों में किया जा रहा था। टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत केस दर्ज इस कार्रवाई के बाद, कार्यालय के निदेशक के खिलाफ साइबर क्राइम थाना, गुरुग्राम में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319 और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। जांच को आगे बढ़ाते हुए, पुलिस ने 26 मई को दोनों आरोपियों को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। इस काम के दोनों को 7 लाख रुपए मिले थे पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मनोज का एक सर्विस स्टेशन है, जबकि तमन्ना दुबई की एक कंपनी में कार्यरत थी। दुबई में तमन्ना की मुलाकात एक विदेशी व्यक्ति से हुई थी, जिसके कहने पर उन्होंने सिम बॉक्स खरीदे और “Tikal AI कॉल सेंटर” के नाम से एक कार्यालय पंजीकृत कराकर पूरा सेटअप तैयार किया। इस काम के लिए आरोपियों को लगभग 7 लाख रुपए मिले थे। इस नेटवर्क पर 21 शिकायतें दर्ज हैं जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सिम बॉक्स के माध्यम से विदेशी नंबरों को भारतीय नंबरों में बदलकर लोगों को कॉल की जाती थी। उन्हें निवेश योजनाओं और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगा जाता था। इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में देश के विभिन्न राज्यों में अब तक 21 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
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गुरुग्राम में सिम बॉक्स ठगी गिरोह का पर्दाफाश:दुबई कनेक्शन वाली महिला समेत 2 गिरफ्तार; ऑफिस से कई उपकरण जब्त
