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सिरसा में निजी स्कूलों में महंगी किताबें व स्टेशनरी सामान बेचने व फीस बढ़ोतरी पर सिरसा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने संज्ञान लिया है। डीईओ ने स्कूलों के अंदर बुक्स, ड्रेस या स्टेशनरी बेचने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। कोई भी स्कूल प्रबंधन बच्चे या अभिभावकों पर किताबें खरीदने पर दबाव नहीं बना सकता। किसी स्कूल द्वारा दबाव बनाया जाता है तो इसकी सूचना विभाग या प्रशासन को दें सकते हैं। यह आदेश शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिले के सभी गैर-राजकीय (प्राइवेट) विद्यालयों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो मंगलवार से लागू होंगे। इसे लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुनीता साईं ने बताया कि विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जिन निजी स्कूलों के पास स्थायी मान्यता या अनुमति नहीं है, उन्हें बंद करवाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल केवल उसी स्तर तक दाखिले करेंगे व कक्षाएं चलाएंगे, जहां तक उनके पास विभाग की मान्यता है। स्कूल का नाम भी उसी अनुसार अंकित करना भी अनिवार्य है। डीईओ के अनुसार, विभाग ने स्कूलों के अंदर बुक्स, ड्रेस या स्टेशनरी बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं, कुछ अभिभावकों ने स्कूलों में फीस बढोतरी व महंगी किताबें बेचने पर मुख्यालय को शिकायत भेजी थी। स्कूल में लगाना होगा नोटिस बोर्ड डीईओ के अनुसार, कोई भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या वेंडर से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। स्कूलों को केवल विभाग द्वारा अनुमोदित पुस्तकें ही लगानी होंगी और पुस्तकों की सूची खंड कार्यालय में जमा करानी होगी और इसे स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करना होगा। सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे फार्म-6 के अनुसार ही फीस लेना सुनिश्चित करें। यदि कोई भी निजी विद्यालय इन सरकारी आदेशों की अवहेलना करता है, तो विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के लिए स्कूल प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा।
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