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उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के लूनी-मारवाड़ रेलखंड पर चल रहे ब्रिज निर्माण कार्य के चलते जोधपुर-साबरमती रेलसेवा को अस्थाई रूप से रद्द करने का निर्णय लिया गया है। वहीं दूसरी ओर रेलवे के एक टिकट चेकिंग स्टाफ ने ट्रेन में छूटे 2.42 लाख रुपए नकद और कीमती लैपटॉप से भरे बैग को सुरक्षित लौटाकर ईमानदारी व सामाजिक सरोकार की बेहतरीन मिसाल पेश की है। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया- लूनी-मारवाड़ रेलखंड के पाली मारवाड़ और बोमादड़ा स्टेशनों के बीच ब्रिज गर्डर लॉन्चिंग का कार्य किया जाना है। इसके लिए रेलवे द्वारा ट्रैफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। इस कार्य के कारण यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो ट्रेनों को रद्द किया गया है। रद्द की गई रेलसेवाओं का विवरण: जोधपुर-साबरमती (14821) : 09 अप्रेल और 11 अप्रेल 2026 को रद्द रहेगी। साबरमती-जोधपुर (14822): 10 अप्रेल और 12 अप्रेल 2026 को रद्द रहेगी। टीटीई ने दिखाई तत्परता, यात्री को लौटाया कीमती सामान जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया- 7 अप्रेल को जोधपुर निवासी यात्री राहुल छाजेड़ बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14888) के सेकंड एसी कोच में बाड़मेर से जोधपुर की यात्रा कर रहे थे। जोधपुर स्टेशन पर उतरने के बाद वे अपना बैग ट्रेन में ही भूल गए। उन्होंने तुरंत स्टेशन के उप अधीक्षक (वाणिज्य) मानसिंह राठौड़ को सूचना दी कि उनके बैग में 2.42 लाख रुपए नकद, एक लैपटॉप और जरूरी दस्तावेज हैं। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात टीटीआई कन्हैयालाल खटीक ने तत्परता दिखाते हुए गोटन स्टेशन पहुंचने से पहले ही संबंधित सीट पर पहुंचकर बैग सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। बुधवार, 8 अप्रैल को जोधपुर लौटने पर टीटीआई खटीक ने यात्री का सत्यापन कर पूरा सामान उन्हें सही-सलामत सुपुर्द कर दिया। सीनियर डीसीएम ने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि टिकट चेकिंग स्टाफ नियमित ड्यूटी के साथ सामाजिक सरोकारों का भी बखूबी निर्वहन कर रहा है।
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