महेंद्रगढ़ के एक निजी अस्पताल में एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस ने गुरुवार को नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी है, हालांकि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। मृतक की पहचान गांव मोहनपुर नांगल, महेंद्रगढ़ निवासी 18 वर्षीय पवन कुमार के रूप में हुई है। पवन आईटीआई करके अप्रेंटिस कर रहा था। उसके पिता संदीप कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि बुधवार रात करीब 12 बजे पवन को अचानक उल्टी और हल्का पेट दर्द शुरू हुआ। दर्द बढ़ने पर पवन को महेंद्रगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। संदीप के अनुसार, जब पेट दर्द ठीक नहीं हुआ तो ड्यूटी डॉक्टर ने किसी अन्य डॉक्टर से फोन पर बात करके, बिना किसी जांच के, दर्द रोकने के लिए तीन-चार इंजेक्शन लगा दिए। इससे कुछ समय के लिए दर्द ठीक हो गया। शरीर में अचानक हुई झनझनाहट अस्पताल ने रात 3 बजे पवन को घर ले जाने को कहा, यह कहते हुए कि वह अब सोएगा और कोई दिक्कत होने पर दोबारा दिखा सकते हैं। घर पहुंचते ही पवन के शरीर में तेज झनझनाहट होने लगी और दर्द व उल्टियां पहले से भी ज्यादा बढ़ गईं। संदीप सुबह लगभग 4:30 बजे पवन को वापस उसी अस्पताल ले गए। तब डॉक्टर ने गाड़ी में ही पवन को देखा और बेहतर इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहा। पवन की गंभीर हालत को देखते हुए, संदीप उसे महेंद्रगढ़ के ही एक दूसरे निजी अस्पताल ले गए, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पहले निजी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर ने पवन के इलाज में लापरवाही बरती और उसे गलत इलाज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



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