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पानीपत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) योगेश चौधरी की अदालत ने नशा तस्करी (NDPS एक्ट) के एक मामले में कोर्ट से गैर-हाजिर चल रहे आरोपी के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी कृष्ण लाल के खिलाफ न केवल दोबारा गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए हैं, बल्कि संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को आरोपी के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया है। आदेश मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। क्या है पूरा मामला? अदालत में स्टेट बनाम वीरभान और अन्य के तहत एनडीपीएस मामले की सुनवाई चल रही है। बुधवार को यह मामला आरोपियों पर आरोप तय करने की बहस के लिए निर्धारित था। सुनवाई के दौरान आरोपी वीरभान तो अपने वकील के माध्यम से अदालत में पेश हुआ, लेकिन दूसरा आरोपी कृष्ण लाल अनुपस्थित पाया गया। वारंट और नोटिस पर भी नहीं आया आरोपी अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी कृष्ण लाल के खिलाफ पहले भी गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे, जो बिना तामील हुए वापस आ गए। इसके अलावा, आरोपी की जमानत लेने वाले व्यक्ति को जारी किया गया नोटिस भी अनसर्व्ड रहा। आरोपी की इस लापरवाही और कोर्ट की प्रक्रिया में बाधा डालने पर अदालत ने नाराजगी जताई। BNS की धारा 269 के तहत केस दर्ज करने का आदेश अदालत ने आरोपी कृष्ण लाल के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि अदालत की अवमानना और गैर-हाजिरी के चलते आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 269 के तहत नई एफआईआर दर्ज की जाए। इस एफआईआर की कॉपी एक सप्ताह के भीतर अदालत में जमा कराई जाए। यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जाती या कॉपी समय पर नहीं भेजी जाती, तो संबंधित SHO को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर स्पष्टीकरण देना होगा। अगली सुनवाई 4 मई को अदालत ने आरोपी कृष्ण के खिलाफ नए सिरे से गैर-जमानती वारंट और उसके जमानतदार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 4 मई के लिए मुकर्रर की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है, इसलिए पुलिस को उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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