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हरियाणा के पंचकूला में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई के मामले में कोर्ट ने फॉरेस्ट गार्ड की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय रघुविंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो पंचकूला में तैनात था। पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से बठिंडा का रहने वाला है और एसएएस नगर के पीर मुछल्ला में रह रहा था। उसके खिलाफ 10 मार्च को चंडीमंदिर थाना में भारतीय वन अधिनियम की धाराओं 32 और 33, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं 27 और 29 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला अरेवाली गांव के जंगल क्षेत्र से जुड़ा है, जहां शुरुआत में करीब 500 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई सामने आई थी। हालांकि, एसआईटी जांच में यह संख्या बढ़कर लगभग 1148 पेड़ों तक पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस ने खैर की लकड़ी के साथ करीब 10 क्विंटल माल बरामद किया, जिसे अवैध कटाई से जुड़ा बताया गया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपी का नाम सह-आरोपी के खुलासे में सामने आया और उसके अन्य आरोपियों के साथ संपर्क के भी साक्ष्य मिले हैं। बचाव पक्ष बोला: व्हिसलब्लोअर है गार्ड वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी ने ही गश्त के दौरान अवैध कटाई की सूचना अधिकारियों को दी थी और वह एक व्हिसलब्लोअर है, जिसे झूठा फंसाया गया है। लेकिन अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता और जांच के प्रारंभिक चरण को देखते हुए जमानत देने के पर्याप्त आधार नहीं हैं। अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी बाकी है।
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