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धनबाद-मुंबई साप्ताहिक एक्सप्रेस के उद्घाटन समारोह में धनबाद मेयर संजीव सिंह का आमंत्रण रद्द करने के बाद उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामला बढ़ने पर धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों ने मंगलवार को खुद मेयर के आवास पहुंचकर खेद व्यक्त किया और इसे प्रशासनिक चूक बताया। दरअसल, धनबाद में मेयर और सांसद के बीच नगर निगम चुनाव से शुरू हुआ विवाद अब सार्वजनिक मंचों तक पहुंच गया है। इसकी बानगी सोमवार की रात धनबाद-एलटीटी नियमित ट्रेन के उद्घाटन समारोह में दिखी। रेलवे ने पहले मेयर संजीव सिंह को विधिवत पत्र भेजकर कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। कार्यक्रम से डेढ़ घंटे पहले अचानक नया मोड़ आया
कार्यक्रम के मुताबिक सांसद ढुलू महतो को विधायक राज सिन्हा व रागिनी सिंह और मेयर की मौजूदगी में ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। हालांकि कार्यक्रम शुरू होने से महज डेढ़ घंटे पहले घटनाक्रम ने अचानक नया मोड़ ले लिया। धनबाद मंडल की तरफ से रात करीब 9:30 बजे दूसरा पत्र लिख मेयर को कहा गया कि आपको दिया आमंत्रण रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुरूप नहीं है। स्टेशन पर लगे बैनर को भी आनन-फानन में बदल विधायक रागिनी सिंह और संजीव सिंह का नाम हटा दिया गया। सांसद ढुलू महतो ने ट्रेन के इंजन पर चढ़कर हरी झंडी दिखाई
इसके बाद सांसद ढुलू महतो धनबाद स्टेशन पहुंचे। प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर सांसद ने ट्रेन के इंजन पर चढ़कर हरी झंडी दिखाई। उसके बाद ट्रेन रवाना हुई। हालांकि बैनर पर विधायक राज सिन्हा का नाम था, पर वे कार्यक्रम में नहीं दिखे। वहीं, रेलवे की मनाही के बाद संजीव सिंह नहीं पहुंचे। बैनर से नाम हटने पर झरिया विधायक रागिनी सिंह भी नहीं पहुंचीं। इस प्रकरण में मेयर ने सांसद का नाम लिए बगैर कहा-एक खास व्यक्ति का बीपी कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने मुझे कार्यक्रम में शामिल होने से रोका। डीआरएम के लेटरपैड से संजीव को मिला आमंत्रण
डीआरएम ने खुद 3 अप्रैल को अपने लेटरपैड से मेयर को आमंत्रण भेजा था। बैनर भी बन गया, जिसमें मेयर संजीव सिंह व उनकी विधायक पत्नी रागिनी सिंह का भी नाम था। बैनर बाकायदा स्टेशन के कार्यक्रम स्थल पर लगा भी दिया गया था। एसीएम ने लिखा-निमंत्रण बोर्ड के नियम अनुकूल नहीं
कार्यक्रम से ऐन पूर्व एसीएम-2 सुनील कुमार के हस्ताक्षर से मेयर को एक पत्र भेजा गया, जिसमें प्रोटोकॉल का हवाला देकर कार्यक्रम में नहीं आने को कहा गया। फिर नया बैनर बना, जिसमें संजीव व रागिनी सिंह का नाम गायब था। उस खास व्यक्ति को अब अपना बीपी का इलाज करा ही लेना चाहिए: संजीव
मेयर संजीव सिंह ने मंगलवार को कहा कि चार दिन पहले मुझे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए डीआरएम ने आमंत्रण दिया था। इससे एक खास व्यक्ति का बीपी अचानक बढ़ गया। उनका बीपी नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने मुझे समारोह में शामिल होने से रोक दिया। मैं तो पहले से ही उस खास व्यक्ति को बीपी का इलाज कराने के लिए कह रहा हूं, पर मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। इसलिए बीपी कंट्रोल होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। रेलवे ने कहा- प्रोटोकॉल में मेयर को बुलाने का प्रावधान है ही नहीं
इधर, डीआरएम अखिलेश मिश्र ने कहा कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इसके तहत स्थानीय सांसद व विधायक को आमंत्रित किया गया, पर मेयर को आमंत्रण पत्र देने और फिर उन्हें दूसरा पत्र लिख मना करने के संबंध में रेलवे अधिकारियों ने चुप्पी साध ली।
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