जोधपुर एम्स के डॉक्टरों ने दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से जूझती महिला के गुर्दे का सफल ऑपरेशन किया है। 37 वर्षीय महिला का एम्स जोधपुर में बाएं तरफ की किडनी में हुई 8 गांठों को सफलतापूर्वक निकाला गया। महिला की दाहिनी किडनी से भी तीन साल पहले भी 9 ट्यूमर हटाए गए थे। महिला की पूर्व में आंख और मस्तिष्क से संबंधित सर्जरी भी हो चुकी है। इन भारी चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते हुए रेगुलर डॉक्टरी सलाह और जांच का कड़ाई से पालन किया। इस बीमारी के कारण उनके दोनों गुर्दों में कई ट्यूमर निकल आए। तीन साल पहले, उनके दाहिने गुर्दे की सर्जरी हुई थी और 9 गांठें निकाली गई थीं। हाल ही में, एम्स जोधपुर में उनके बाएं गुर्दे के ट्यूमर के लिए एक और सफल सर्जरी की गई है जिसमें 8 गांठें सफलतापूर्वक निकाली गई हैं। उनका उपचार करने वाले यूरोलॉजिस्ट, डॉ. गौतम राम चौधरी, अतिरिक्त आचार्य, यूरोलॉजी विभाग, एम्स जोधपुर के अनुसार, यह रोग एक दुर्लभ जेनेटिक सिंड्रोम का हिस्सा है, जिसमें लगातार निगरानी की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों को नियमित जांच की जरूरत होती है ताकि समय पर हस्तक्षेप किया जा सके। डॉ. गौतम राम चौधरी ने कहा कि इस स्थिति से जुड़े गुर्दे के ट्यूमर के दोबारा विकसित होने की संभावना ज्यादा होती है। छोटे ट्यूमर केवल निगरानी में रखे जाते हैं, लेकिन जब वे 3 सेमी से बड़े हो जाते हैं, तो सर्जरी आवश्यक हो जाती है। मुख्य चुनौती यह होती है कि सभी दिखाई देने वाले ट्यूमर हटाए जाएं और ज्यादा से ज्यादा स्वस्थ गुर्दा ऊतक को सुरक्षित रखा जाए। इसमें रोबोटिक सर्जरी को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह सटीक होती है, रक्तस्राव कम होता है और बड़े निशान से बचाती है। एम्स जोधपुर के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, डॉ. ए. एस. संधू ने इस तरह के रोगियों के लिए समग्र देखभाल के महत्व पर जोर दिया। इसी जरूरत को देखते हुए, विभाग ने फैमिलियल और सिंड्रोमिक जनिटो-यूरिनरी कैंसर क्लिनिक की स्थापना की है। यह क्लिनिक कई विशेषज्ञताओं को एक ही स्थान पर लाता है इस मौके पर सर्जरी टीम के अन्य सदस्यों में डॉ. महेंद्र सिंह (अतिरिक्त आचार्य), डॉ. शिवचरण नावरिया (अतिरिक्त आचार्य), तथा डॉ. दीपक प्रकाश (सह आचार्य) शामिल थे। — ये खबर भी पढ़ें जयपुर में महिला के पेट में 15 किलो की गांठ:7 टुकड़े कर निकाला; आंत-किडनी दब गई थी, सांस लेने में हो रही थी तकलीफ जयपुर में एक महिला के पेट का ऑपरेशन कर 15 किलो की गांठ निकाली गई। सवाई मान सिंह हॉस्पिटल में 4 घंटे चले ऑपरेशन में गांठ के 6-7 टुकड़े कर निकाला गया। हॉस्पिटल में जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राजेंद्र बुगलिया ने बताया- गांठ इतनी बड़ी थी कि इससे पेट की आंत और बायीं तरफ की किडनी दोनों दब रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)



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